हिमाचल के चंबा में अंडर-19 खेलकूद प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई 50 से अधिक छात्राएं विषाक्त भोजन की शिकार हो गई हैं। एक महिला शिक्षक की हालत नाजुक बनी हुई है जिसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया गया है। वहीं, अन्य सभी छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे गई है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच की बात कही है।
यह सभी छात्राएं जिला भर के अलग-अलग स्कूलों से चंबा पहुंची थीं। आइसोलेशन वार्ड में दाखिल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नैनीखड्ड की अध्यापिका यशोदा ने बताया कि उन्होंने स्कूल में बने पूरी-छोले खाए थे। इसके बाद अचानक उल्टियां शुरू हो गई और चक्कर आने लगे। उनके सहयोगी शिक्षक उन्हें अस्पताल ले आए जहां उन्हें दाखिल कर लिया गया है।
एक के बाद एक छात्रा हुई बीमार
शिक्षकों ने बताया कि उनके स्कूल की कई छात्राएं विषाक्त भोजन से बीमार हो गई हैं। उधर, सुबह से ही अस्पताल के आपात कक्ष में खिलाड़ी छात्राओं की लंबी कतार लग गई थी जिनका ओपीडी में निरीक्षण किया गया है।
छात्राओं का उपचार करने वाले चिकित्सक डॉ. विशाल ठाकुर ने बताया कि छात्राओं की तबीयत खराब खाना खाने की वजह से ऐसी हुई है। उनके पास जो भी छात्राएं आई थीं उन्हें बीमारी से संबंधित जरूरी दवाएं व घोल दे दिया गया है।
उधर, मामले की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी अस्पताल में पहुंच गए और उन्होंने आपातकक्ष व आइसोलेशन वार्ड में दाखिल अध्यापिका से बातचीत की।
अब खाने का लिया जाएगा सैंपल
सीएमओ ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी मामले की जांच करेंगे और जरूरी हुआ तो खाने के सैंपल भी लिए जाएंगे। उन्होंने छात्राओं को भोजन ग्रहण न करने की भी हिदायत दी है। वहीं, प्रतियोगिता के दौरान हुई इस घटना से अन्य खिलाड़ी भी सकते में आ गए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अधूरी तैयारियों के बीच ये चूक हुई है।
जांच के बाद ही मिलेगा भोजन : उपायुक्त
उधर, उपायुक्त एम सुधा देवी का कहना है कि छात्राओं को परोसे जा रहे खाने की नियमित जांच होगी। आयोजन समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहले खाना खुद जांचे फिर परोसे। अस्पताल प्रशासन को भी छात्राओं को उपयुक्त उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगे ऐसी कोई दिक्कत न हो।
भूखे ही मैदान में उतर गईं छात्राएं
खेलने के जज्बे से चंबा पहुंची जिला की करीब 700 छात्राएं अब भूखे ही मैदान में उतरने को मजबूर हैं। पहले दिन विषाक्त भोजन का खौफ छात्राओं को ढंग से खाना खाने भी नहीं दे रहा है। जिस स्कूल में छात्राओं को ठहराया गया है वहां शौचालय की कमी पड़ गई है। बुधवार को लगातार छात्राएं बीमार होती रहीं और अस्पताल जाती रहीं जिससे अन्य छात्राओं में भी खौफ फैल गया।
बुधवार को प्रतियोगिता के दूसरे दिन कई छात्राएं सुबह का नाश्ता किए बगैर ही मैदान में उतर गईं। विषाक्त भोजन से बीमार छात्राओं के अध्यापक भी अब उनके प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं। अध्यापकों की मानें तो जिलास्तर के लिए उन्होंने जबरदस्त तैयारी की थी लेकिन छात्राएं चंबा पहुंचते ही बीमार हो गईं और अब सारी तैयारी धरी की धरी रह गई है। छात्राओं को जिस समय मैदान में होना चाहिए था वे अस्पताल में उपचाराधीन थीं।