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Shimla News: जाखू को ओवरलोड चल रहीं टैक्सियां, बुजुर्गों को सीटें नहीं

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हनुमान मंदिर के लिए मंगलवार को चलती हैं दो टैक्सियां
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खड़े होकर सफर करने को मजबूर वरिष्ठ नागरिक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। रिट्ज से जाखू मंदिर के लिए जाने वाली एचआरटीसी की टैक्सियां ओवरलोड होकर चल रही हैं। इस वजह से यात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
खासकर बुजुर्गों को इससे असुविधा हो रही है। सीटें नहीं मिलने से वरिष्ठ नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भक्तों की अधिक संख्या को देखते हुए शहरवासियों ने मंगलवार के दिन अतिरिक्त टैक्सियां चलाने की मांग उठाई है। मंगलवार को भी रिट्ज के पास हनुमान मंदिर जाखू जाने वाले लोगों का तांता लगा रहा। वर्तमान में एचआरटीसी मंगलवार के दिन दो टैक्सियों का संचालन करता है। इसके बावजूद टैक्सी में लोगों के बीच बैठने को लोग मारामारी रहती है। इस वजह से बुजुर्ग लोगों को चाहकर भी सीट नहीं मिल पाती है।
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रिट्ज में जाखू हनुमान मंदिर जाने के लिए टैक्सी का इंतजार कर रहे लोगों से बात की है तो उन्होंने बताया कि तंग सड़क होने के कारण मार्ग पर ओवरलोडिंग से हर समय हादसे का भी खतरा रहता है। लोगों को टैक्सी का कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है। नीरज खन्ना, अरुणा, राधा और नरेश ने बताया कि जाखू के लिए सामान्य दिनों में एक ही टैक्सी चलती है, जो भक्तों को लाने और ले जाने का काम करती है। कहा कि मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं, इसलिए दो टैक्सियां कम पड़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि सीट मिलना तो दूर खड़े रहने के लिए भी टैक्सी में जगह नहीं मिलती है।





टैक्सियों में बुजुर्गों को मिले प्राथमिकता
जाखू मंदिर जाने वाली महिला बुजुर्ग राधा और अरुणा ने बताया कि टैक्सी में बुजुर्गों को प्राथमिकता नहीं दी जाती है। सवारियां इतनी ज्यादा होती हैं कि टैक्सी में चढ़ना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बुजुर्गों को सीट नहीं मिलती और उन्हें मजबूरन खड़े होकर सफर करना पड़ता है। उन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन और प्रदेश सरकार से मांग उठाई कि लोगों की सुविधा को देखते हुए खासकर मंगलवार को जाखू मंदिर के लिए अतिरिक्त टैक्सियां चलाई जाएं। आरएम एचआरटीसी अंकुर वर्मा ने बताया कि मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निगम टैक्सियों का संचालन कर रहा है। भविष्य में इसकी संख्या बढ़ाने के लिए यथासंभव प्रयास किए जाएंगे।
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