हिमाचल प्रदेश में मानसून की तबाही से उखड़ी सड़कों की टारिंग शुरू हो गई। प्रदेश में पांच सौ से ज्यादा सड़कों की टारिंग उखड़ी है। अब मौसम खुलते ही लोक निर्माण विभाग ने हिमाचल की सड़कों पर टारिंग का काम शुरू कर दिया है। एक महीने के भीतर जिला और राज्य मार्ग की सड़कों पर टारिंग पूरा करने का लक्ष्य है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंताओं को टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने आपदा राहत पैकेज में सड़कों और पानी की पाइपों, स्रोतों को दुरुस्त करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया है। प्राकृतिक आपदा से लोक निर्माण विभाग को 2949.55 करोड़ का नुकसान हुआ है।
शिमला, मंडी, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित हुई हैं। इन जिलों में चट्टानें गिरने से सड़कें उखड़ गई है। कई जगह पांच से छह सौ मीटर तक का पैच बाढ़ में बह गया है। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से इन सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। विभाग का दावा है कि अगर एक महीने तक मौसम साफ रहता है तो जिलों और राज्यों की सड़कें पहले की तरह चकाचक किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि सड़कों की टारिंग के कार्य ठेकेदारों को आवंटित किए हैं। कार्य में गुणवत्ता बनी रहे, इसको लेकर जूनियर इंजीनियर और सहायक अभियंताओं को फील्ड में रहने के निर्देश दिए हैं। अगर विकासात्मक कार्यों में लापरवाही बरती गई तो अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जनवरी से अगस्त तक 1399 वाहन दुर्घटनाएं, 564 लोगों ने गंवाई जान
वहीं, प्रदेश में जनवरी से अगस्त, 2023 तक 1399 वाहन दुर्घटनाएं हुईं, इसमें 564 लोगों की जानें गई हैं। बीते वर्ष जनवरी से अगस्त तक की अपेक्षा इस बार आंकड़ों में 4.17 फीसदी की कमी आई है। परिवहन विभाग का दावा है कि हादसों पर अंकुश लगाया जा रहा है। वाहनों की ओवर स्पीड, बिना हेलीमेंट के बाइक चलाने वाले लोगों को चालान किए जा रहे हैं।