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Shimla News: कुफ्टू प्राथमिक स्कूल में नलके सूखे, चश्मों के भरोसे बच्चे और शिक्षक

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स्कूल में 6 महीने से चल रही है दिक्कत, अध्यापकों और कर्मचारियों को गांव से ढोकर लाना पड़ता है पानी
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मिड डे मील पकाने में झेलनी पड़ रही है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शिक्षा खंड मशोबरा के तहत आने वाले राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुफ्टू में बच्चों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में 6 महीने से पानी नहीं आ रहा है। इस कारण स्कूल में शिक्षकों, छात्रों और खास तौर पर मिड डे मील वर्कर्स को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्कूल में वर्तमान समय में 19 छात्र-छात्राएं, दो शिक्षक और एक एमडीएम वर्कर कार्य कर रही है। स्कूल प्रबंधन समिति के अनुसार स्कूल में बीते करीब एक साल से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद कुछ दिनों के लिए पानी आता है लेकिन फिर कुछ दिनों के बाद वही समस्या का सामना करना पड़ता है। अब बीते 6 महीने से स्कूल में पानी नहीं आ रहा है। इस कारण स्कूल में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में मिड डे मील बनाने के लिए पानी लोगों के घरों से ढोकर लाना पड़ रहा है। स्कूल में छात्रों व शिक्षकों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। छात्र और शिक्षक जहां से पानी ला रहे हैं वह चश्मे का पानी है। इसके कारण पानी की गुणवत्ता पर सवाल है। छात्रों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है।
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लोगों ने मांग करते हुए कहा कि विभाग स्कूल में नियमित रूप से पानी की सप्लाई होनी चाहिए। स्कूल अध्यापक विद्यावती ने बताया कि जलशक्ति विभाग शिकायत के बाद पानी कुछ दिनों के लिए छोड़ देता था। स्कूल में 6 महीने से न के बराबर पानी आया है। इसके कारण स्कूल में सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसएमसी प्रधान मेध राम ने कहा कि स्कूल में बीते एक साल से पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद जलशक्ति विभाग कुछ दिन पानी छोड़ देता है लेकिन फिर कुछ दिन बाद वही समस्या फिर शुरू हो जाती है। बीते 6 माह से स्कूल में पानी न के बराबर आया है। इस कारण स्कूल में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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होटलों को मिल रहा है पानी : ठाकुर
कोलू जुब्बड़ पंचायत की प्रधान हिमी देवी ने कहा कि बड़े दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि यहां के प्राकृतिक स्रोतों का पानी क्षेत्र में बने बड़े-बड़े होटलों को नियमित रूप से जाता है लेकिन स्कूल को नियमित पानी नहीं मिलता। क्षेत्र का पानी है सबसे पहले पानी पर स्थानीय लोगों का हक है। हमारी मांग है कि पहले पानी ग्रामीणों और स्कूल में दिया जाए उसके बाद होटलों को दिया जाना चाहिए।
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