मनाली-लेह सामरिक मार्ग को चकाचक करने के बाद अब 290 किलोमीटर लंबी तांदी-किश्तवाड़ सड़क को भी सामरिक मार्ग में तबदील करने की कवायद शुरू हो गई है। देश की सरहदों की किलेबंदी में यह सड़क मील का पत्थर साबित होगी।
फिलहाल तांदी-किश्तवाड़ सड़क को डबललेन करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। केंद्र सरकार तांदी संसारी मार्ग को मनाली-लेह हाईवे से जोड़ने जा रही है। तांदी से थिरोट तक सीमा सड़क संगठन जल्द ही सड़क को चौड़ा करने की तैयारी में है।
इससे पहले वन और राजस्व विभाग की टीम के साथ भूमि अधिग्रहण के लिए एक संयुक्त निरीक्षण होगा। आबादी वाले इलाकों में सड़क को 20 और गैर आबादी इलाके में 24 मीटर चौड़ा किया जाएगा।
प्रथम चरण में सड़क पर 7 मीटर चौडे़ हिस्से में टारिंग की जाएगी। तांदी से चंबा के पांगी किलाड़ स्थित संसारी नाला तक 144 किमी का दायरा सीमा सड़क संगठन के 94 आरसीसी के अधीन है। वहीं संसारी नाला से जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ तक 146 किलोमीटर हिस्सा बीआरओ की दूसरी कंपनी के पास है।
तांदी किश्तवाड़ सड़क तैयार होने के बाद पठानकोट से लेह और कारगिल की दूरी भी कम हो जाएगी। 94 आरसीसी के ओसी मेजर हरीश बाबू ने बताया कि फिलहाल तांदी से थिरोट तक 30 किमी के हिस्से में सड़क को 20 से 24 मीटर चौड़ा किया जाएगा।
इसकी डीपीआर पर काम शुरू हो गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए वन और राजस्व विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। बताया जा रहा है केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट पर अरबों रुपये खर्च करने जा रही है।
उधर, एसडीएम केलांग अमर नेगी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर सोमवार को बीआरओ, वन, राजस्व विभाग और डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी के साथ बैठक हुई है।