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Shimla News: घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन करके लें अंगदान की शपथ

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सोटाे की वेबसाइट पर भर सकते हैं यह फार्म
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अंगदान को लेकर आगे आएं लोग : डॉ. पुनीत महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अंगदान का शपथ पत्र भरने के लिए लोगों को अब अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कोई भी व्यक्ति अंगदान का शपथ पत्र भरना चाहता है तो वह अब सोटो की वेबसाइट पर जाकर यहां बने क्यूओर कोड स्कैन करके आसानी से भर सकता है। सोटो के नोडल अधिकारी डॉ. पुनीत महाजन ने यह जानकारी प्रेसवार्ता में दी।

आईजीएमसी में आयुष्मान भव: कार्यक्रम के तहत सेवा पखवाड़ा चल रहा है। पखवाड़े में अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सोटो के नोडल अधिकारी डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि पूरे देश और प्रदेश में साइट पर बने क्यूआर कोड के जरिये तमाम औपचारिकताओं को पूरा करके यह फार्म भरा जा सकता हैै। उन्होंने बताया कि साइट पर क्यूआर कोड के अलावा बीए आर्गन डोनर पर क्लिक करने पर शपथ के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद आधार नंबर डालना होगा। इसके बाद ओटीपी आएगा और फार्म नंबर 7 खुलेगा। इसमें व्यक्ति को पूरी जानकारी देनी होगी। परिवार के सदस्य का भी नंबर देना होगा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक मैसेज परिवार के पंजीकृत सदस्य के नंबर पर आएगा। इसके अलावा वह व्यक्ति अंगदान का शपथ पत्र भी पूरी प्रक्रिया के बाद डाउनलोड कर सकेगा। अब तक पूरे प्रदेश के करीब 1460 लोगों ने यह शपथ पत्र भरे हैं। ऑनलाइन माध्यम से 90 शपथ पत्र भरे जा चुके हैं। डॉ. पुनीत ने आग्रह किया कि वह इस कार्य में आगे आएं। एख व्यक्ति अंगदान करके आठ लोगों का जीवन बचा सकता है। इस अवसर पर आईजीएमसी प्रिसिंपल डॉ. सीता ठाकुर,वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामलाल, सोटो के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. शोमिन धीमान, सोटो के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नरेश व प्रोग्राम असिस्टेंट भारती कश्यप मौजूद रहीं।
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नेत्रदान के लिए आगे आएं लोग : डाॅ. रामलाल
आईजीएमसी के नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. रामलाल ने भी अपनी बातें मीडिया के सामने रखीं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में नेत्रदान और अंगदान को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है। बताया कि अस्पताल में हर साल करीब 2,100 मरीजों की मौत होती है, लेकिन एक फीसदी लोग भी नेत्रदान के लिए आगे नहीं आते। कहा कि आईजीएमसी में मौजूदा समय तक 3,36 नेत्रदान हुए हैं।
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