हिमाचल जानलेवा बीमारी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गया है। प्रदेश में अब तक एक दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। चार लोगों की मौत हो चुकी है। वीरवार को 4 नए मामले आए हैं।
अब अज्ञात बीमारी से प्रभावित बताए जा रहे शिमला जिले के कुपवी में क्षेत्र दो बच्चों में भी स्वाइन फ्लू पाया गया है। नेरवा क्षेत्र में कई बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। विभाग इसे अज्ञात बीमारी बता रहा था।
दो बच्चों के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य महकमे ने अब जांच के लिए फिर से टीमें भेज दी हैं। टांडा और योल में उपचाराधीन दो महिलाओं में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
लगातार आ रहे मामलों के बीच, स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। सभी सीएमओ सतर्क रहने के साथ जरूरी तैयारियां करने को कहा गया है। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद मरीजों को मेडिकल कॉलेजों में रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पतालों में इसके लिए एक स्पेशल वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
पढ़िए, किस जिले में सामने आए कितने मामले
बता दें कि स्वाइन फ्लू से अब कांगड़ा के दो, सिरमौर के एक और शिमला में एक टूरिस्ट की मौत हो चुकी है। पिछले दिनों 56 मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आए। इनमें 14 की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। कुपवी में बुखार से एक बच्चे की मौत हो चुकी है।
अभी इसमें मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि स्वाइन फ्लू के लिए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक, संयुक्त निदेशक, सीएमओ, एमएस और तमाम अन्य अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
सभी अस्पतालों को दवाइयां रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डा. बलदेव कुमार ने कहा है कि वे सभी जिला अधिकारियों के संपर्क में हैं।
सरकार परेशान, फ्लू का स्ट्रेन बदला तो चिंताजनक होगा
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ सालों से स्वाइन फ्लू जनवरी से मार्च महीने के बीच सर्दियों के मौसम में ही होता रहा है। इस फ्लू के मई महीने में हमला करने के बाद ये आशंका है कि कहीं इसका स्ट्रेन ही न बदल गया हो। अगर स्ट्रेन बदल गया होगा तो ये चिंताजनक बात होगी। प्रयोगशालाओें में इसकी जांच चल रही है।
शिमला, मंडी में ही हो रहा स्वाइन फ्लू का टेस्ट
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि स्वाइन फ्लू का टेस्ट प्रदेश के दो अस्पतालों में किया जा रहा है। टेस्ट मशीनें आईजीएमसी शिमला और मंडी जोनल अस्पताल में ही हैं।