हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बकारटी गांव के स्वतंत्रता सेनानी पंडित दुर्गादास शर्मा आजादी के गुमनाम नायक थे। उन्होंने आजादी के लिए 11 वर्ष तक लाहौर की वोस्टल समेत आधा दर्जन जेलों में अंग्रेजों की यातनाएं सहीं। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेने पर उन्हें छह माह का कारावास हुआ। अंग्रेज सरकार ने घर को कुर्क करने के आदेश भी दिए। पंडित दुर्गा दास को उनकी बहादुरी के लिए जाना जाता था। एक दफा जब मसियाणा घाट में अंग्रेज अधिकारी उन्हें हिरासत में लेने आए तो गाली-गलौज करने पर उन्होंने दो अंग्रेज अधिकारियों की पिटाई कर डाली। वर्ष 1928 में लाला लाजपत राय के साइमन कमीशन वापस जाओ आंदोलन में लाहौर की जेल में रहे। 1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान धर्मशाला के योल में नौ माह जेल में रहे।