सर्वे को चुनाैती दी जाएगी: नगर निगम
हमीरपुर जिले के नादौन को दूसरी स्टेट रैंकिंग, 50,000 से कम आबादी वाली श्रेणी में शिमला को स्टेट रैंकिंग में तीसरा, कांगड़ा के पालमपुर नगर निगम को चौथा, शिमला की सुन्नी नगर पंचायत को 5वां, नारकंडा को छठा और रामपुर को सातवां स्थान मिला है। इसके अलावा धर्मशाला को आठवां, सोलन को नौवां और सुबाथू कैंट को स्टेट रैंकिंग में 10वां स्थान मिला है। वीरवार को जारी किए गए केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे में शिमला शहर के रिहायशी कालोनियों और बाजारों में सफाई व्यवस्था का स्तर तो सुधरा है, लेकिन घरों से कूड़ा उठाने, गीला-सूखा कचरा अलग रखने, कचरे का निपटान करने, पेयजल स्रोतों की सफाई आदि की श्रेणी में शहर पीछे रह गया। कुल 7500 अंकों में से शिमला शहर को 4798 अंक मिले हैं। उधर, नगर निगम का दावा है कि सर्वे गलत हुआ है। इसे चुनौती दी जाएगी।
कचरा प्रबंधन में ठियोग का उम्दा प्रदर्शन
जिला शिमला का ठियोग शहर प्रदेश के सबसे साफ शहरों की सूची में नंबर वन बन गया है। ठियोग से निकलने वाले कचरे का निपटारा शिमला नगर निगम ही अपने भरयाल कूड़ा संयंत्र में करता है। 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में शामिल ठियोग घरों से कूड़ा उठाने के साथ कचरा प्रबंधन में भी आगे रहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित विज्ञान भवन में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) की ओर से आयोजित एक समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान किए। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल और अन्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।