कंपनी का तर्क, योजना में करना पड़ रहा बदलाव
हर हाल में दीपावली से पहले पूरा करेंगे काम अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पेयजल किल्लत से जूझ रहे शहरवासियों को दीपावली तक राहत नहीं मिलेगी। अगले डेढ़ से दो महीने तक शहर में पानी की राशनिंग जारी रहेगी। सतलुज पेयजल योजना में नए काम के चलते फिलहाल शहर को इसका पानी नहीं मिलेगा।
महापौर सुरेंद्र चाैहान और उपमहापौर उमा कौशल ने सोमवार को टाउनहॉल में पेयजल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक ली। पूछा कि एक महीने से बंद पड़ी सतलुज योजना का पानी शहर को कब मिलेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि यह योजना 66 केवी सब स्टेशन के अनुसार तैयार की है। अभी 22 केवी सब स्टेशन के अनुसार ही इसे चलाना पड़ रहा है। अब योजना को 22 केवी सब स्टेशन के अनुसार ही तैयार किया जा रहा है ताकि ट्रिपिंग होने पर पेयजल लाइन के टूटने का अंदेशा न रहे। योजना की पेयजल लाइन में 124 हाई ग्रेड एयर वॉल्व लगाए जा रहे हैं। इनमें से कई इटली से मंगवाए गए हैं। इस महीने के अंत तक यह शिमला पहुंच सकते हैं। अक्तूबर के अंत तक इन्हें लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। महापौर ने कहा कि आठ नवंबर को दीपावली से पहले सतलुज नदी का पानी शिमला पहुंच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर की जनता परेशानी झेल रही है। गिरि और गुम्मा से भी आपूर्ति बढ़ाई जाए। शहर में कंपनी को तीसरे दिन हर हाल में पानी की आपूर्ति देने के निर्देश जारी किए हैं।
अभी तीसरे और चौथे दिन आ रहा पानी
शहर में अभी तीसरे और चौथे दिन लोगों को पानी दिया जा रहा है। कई इलाकों में चौथे दिन भी देर शाम तक ही आपूर्ति मिल रही है। लोगों को मजबूरन पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। पेयजल कंपनी का दावा है कि अब गिरि में गाद थम गई है। रोजाना 40 एमएलडी से ज्यादा पानी शिमला शहर को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में तीसरे दिन सभी को पानी देना सुनिश्चित किया जाएगा।