सतलुज नदी के शकरोड़ी और शिमला पहुंचे पानी के सैंपल एनआईवी पूणे में पास, ट्रायल पहले ही हो चुका है सफल परियोजना से शहर को मिलेगा 10 एमएलडी तक पानी
लोगों को रोज मिलेगी आपूर्ति, तैयार हो रहा नया शेड्यूल अमर उजाला ब्यूरो शिमला। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पूणे भेजे गए सतलुज नदी के पानी के सैंपल जांच में पास हो गए हैं। इस पानी को शहर में पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
सैंपल रिपोर्ट मिलने के बाद पेयजल कंपनी ने भी अगले हफ्ते से ही शहर में इसकी सप्लाई की तैयारी कर ली है। सतलुज पेयजल योजना शुरू होने से शहरवासियों को राहत मिलेगी। राजधानी में एक साल से जारी पानी की राशनिंग खत्म हो जाएगी। लोगों को रोज पानी दिया जाएगा। 16 मार्च से सतलुज नदी का पानी शिमला शहर में बंटना शुरू हो जाएगा। पेयजल कंपनी ने लोगों को रोज आपूर्ति देने के लिए नया शेड्यूल बनाने को भी कह दिया है। इसकी शुरुआत करने के लिए कंपनी ने शहरी विधायक हरीश जनारथा से समय मांगा है। 16 मार्च को विधायक की मौजूदगी में पहली बार संजौली टैंक में इस परियोजना का पानी डाला जाएगा। कंपनी के अनुसार योजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों रिज मैदान पर किया जाएगा। पेयजल कंपनी के एजीएम दिनेश भारद्वाज ने बताया कि सतलुज पेयजल योजना के पानी के सैंपल जांच में पास हो गए हैं। इस पानी को पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
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66 एमएलडी की क्षमता की है सतलुज परियोजना
पेयजल कंपनी के अनुसार 66 एमएलडी की क्षमता वाली सतलुज परियोजना से इस साल सात से दस एमएलडी पानी की आपूर्ति मिलेगी। यह पानी शहर में सबसे पहले संजौली टैंक में पहुंचेगा। इसके बाद यहां से रिज, चौड़ा मैदान, छोटा शिमला में बने टैंकों में इसकी सप्लाई होगी। इन टैंकों से सभी वार्डाें में यह पानी वितरित होगा। शिमला शहर को रोज पानी देने के लिए करीब 50 एमएलडी पानी की जरूरत है। अभी गिरि-गुम्मा समेत कुल पांच पेयजल योजनाओं से शहर को औसतन 40 एमएलडी पानी मिल रहा है। करीब दस एमएलडी कम आपूर्ति मिलने से शहर में तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। गर्मी के मौसम में इन परियोजनाओं से सप्लाई घटकर 30 से 35 एमएलडी रह जाती है। ऐसे में जलसंकट गहरा जाता है। इस बार जलसंकट से राहत मिलेगी। सतलुज नदी से दस एमएलडी पानी मिलने से यह संकट दूर होगा।
जल्द जनता को मिलेगी राहत शहर की जनता को इस बार गर्मी के मौसम में पानी की कमी नहीं सताएगी। सतलुज योजना योजना की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। इसके सैंपल भी पास हो गए हैं। 16 मार्च को संजौली में इसका पानी पहली बार टैंक में डाला जाएगा।
आंकड़ों में समझें पूरी पेयजल योजना 370 करोड़ रुपये है इस योजना की कुल लागत 66 एमएलडी पानी मिलेगा शिमला शहर को 22.3 किमी लंबी पाइपलाइन से शकरोड़ी से शिमला आएगा पानी 10 एमएलडी तक पानी इस साल मिलेगा
उपमहापौर के वार्ड में चौथे दिन पानी
शहर में इन दिनों कई वार्डाें में चौथे दिन पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उपमहापौर उमा कौशल के टुटीकंडी वार्ड के बाग क्षेत्र में शनिवार को चौथे दिन भी सुबह पानी नहीं मिला। लोगों ने उपमहापौर उमा कौशल को इसकी शिकायत दी। उपमहापौर ने कंपनी के अधिकारियों से बात की। पूछा कि सप्लाई क्यों नहीं दी जा रही है। इसके बाद कंपनी ने आपूर्ति देने की बात कही। इसी तरह कच्चीघाटी वार्ड में भी लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।