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कौन बनेगा नया डीजीपी, नए विवाद से बढ़ा सस्पेंस

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भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1986 बैच के अधिकारी एडीजीपी सीआईडी एसआर मरडी के डीजी बनने की राह में रोड़ा खड़ा हो गया है। 1984 बैच आईपीएस अधिकारी और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए एडीजीपी सोमेश गोयल की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय में दिए रिप्रजेंटेशन के बाद अड़चन आड़े आ रही है।
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गोयल ने 11 फरवरी को राज्य सरकार की ओर से मरडी को डीजी बनाने के लिए की गई डीपीसी के बाद अपना पक्ष मंत्रालय में रखा था। इसके बाद केंद्रीय मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार सोमेश गोयल को सुपरसीड करते हुए मरडी को डीजी बनाने की तैयारी में है। मुख्य सचिव पी मित्रा की अध्यक्षता में हुई डीपीसी की बैठक में यह फैसला लिया गया था।

जबकि, सोमेश गोयल मरडी से दो बैच सीनियर हैं। गोयल का नाम प्रदेश के सबसे सीनियर आईपीएस अधिकारी में शामिल हैं और डीजी बनने के दावेदार हैं, लेकिन पहले भी उन्हें सरकार ने दरकिनार किया था।
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वरिष्ठता सूची दरकिनार

एक बार फिर डीपीसी में उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। वर्तमान में डीजी जेल और डीजी प्रिजन के पद खाली चल रहे हैं। सोमेश गोयल ने वर्तमान में डीजीपी पद पर तैनात संजय कुमार को डीजीपी बनाए जाने के समय भी अपना पक्ष रखा था, लेकिन राज्य सरकार ने संजय कुमार को प्रदेश के पुलिस प्रमुख की कमान सौंपी जबकि संजय कुमार 1985 बैच के आईपीएस हैं।

यहां भी सरकार ने वरिष्ठता सूची को दरकिनार करते हुए संजय कुमार डीजीपी बना दिया था। सूत्रों का कहना है कि नई अड़चन खड़ी होने के बाद सरकार नया रास्ता निकला सकती है। मरडी के साथ ही सामेश गोयल को भी सरकार की ओर से डीजी रैंक दिया जा सकता है।

प्रमोशन परफोर्मा के आधार पर सोमेश गोयल को प्रमोशन दिया जा सकता है। क्योंकि, गोयल अभी भी प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में है। ऐसे में सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जबकि मरडी भी डीजी बन सकते हैं।
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