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यूनिवर्सिटी की साइट में दर्ज नहीं प्रदेश में खुले इस कॉलेज का नाम, दांव पर छात्रों का भविष्य

Mon, 31 Dec 2018 10:28 AM IST
अरविन्द ठाकुर योगेंद्र अग्रवाल, अमर उजाला, ददाहू (सिरमौर)
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पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खुले ददाहू डिग्री कॉलेज का विश्वविद्यालय में नाम तक दर्ज नहीं है। ग्रामीणों के विरोध के बाद सरकार ने कॉलेज शुरू कर दिया है। शिक्षक भेजकर कक्षाएं भी आरंभ कर दी हैं, लेकिन विवि से अभी कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है। एचपीयू की साइट पर कॉलेज का नाम तक दर्ज नहीं है। इससे ददाहू कॉलेज में दाखिला ले चुके 135 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। 

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मान्यता नहीं मिलने से कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाएंगे। उन्हें विवि की ओर से रोलनंबर तक जारी नहीं होंगे। विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी इस मसले को लेकर चिंतित हैं। ददाहू कॉलेज में छह माह पूर्व ही कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया था।

शिक्षकों की कमी से जूझने के बाद लोगों ने मुख्यमंत्री से मामला उठाया। राजनीतिक दल भी सीएम के दरबार पहुंचे। एक भी शिक्षक न होने से यह कॉलेज बंद होने के कगार पर था। इसके बाद कॉलेज के लिए दो शिक्षक भेजे गए। वर्तमान में कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान और हिंदी की पढ़ाई हो रही है।

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तीन पद खाली हैं, लेकिन कॉलेज को मान्यता न मिलने से विद्यार्थी भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सूत्रों के अनुसार मान्यता लेने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने विवि में राशि जमा करवानी है। उस राशि को अभी तक विभाग जमा नहीं करवा पाया है। यह राशि करीब डेढ़ लाख रुपये है। कॉलेजों में प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं 15 मार्च से शुरू होनी हैं।

इसको लेकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अंतिम तिथि 31 जनवरी है। विद्यार्थियों ने कंप्यूटर सेंटरों के चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं, क्योंकि एक जनवरी से पांच फरवरी तक कॉलेज में अवकाश हैं। ऐसे में विद्यार्थी वार्षिक परीक्षाओं के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं।

उधर, डिग्री कॉलेज ददाहू के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश भारद्वाज ने बताया कि बिना मान्यता के कॉलेज को परीक्षा केंद्र का मिलना मुमकिन नहीं है। मान्यता के लिए विभाग की ओर से राशि जमा की जानी है, लेकिन वह राशि अभी तक जमा नहीं हो पाई है। इसको लेकर विभाग और विवि से पत्राचार किया जा चुका है।
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