सीसीए रूल 1972 में स्पष्ट है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को बीमारी पर, शिक्षा ग्रहण करने या अन्य जगह नौकरी करने के लिए दो साल की अवधि की एक्सट्रा ऑर्डनरी लीव दी जा सकती है। राजनीतिक पद पर तैनाती के लिए यह अवकाश नहीं दिया जा सकता।
सुरेंद्र ठाकुर कहते हैं कि उन्होंने कभी बोर्ड अध्यक्ष पद के लिए आवेदन नहीं किया। उनके नाम की सिफारिश भामसं और संगठन के केंद्रीय नेतृत्व ने की थी। उनका कहना है कि इस मामले पर वह कु छ नहीं कहेंगे। वह शीघ्र ही भामसं के केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष अपनी बात रखेंगे।