पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने कश्मीर के हालात पर मोदी सरकार को सलाह दी कि अलगाववादियों समेत सभी पक्षों से बातचीत का दौर चलाया जाए। जम्मू-कश्मीर में रोजाना भारत के जवान शहीद हो रहे हैं। इस ओर मोदी सरकार का ध्यान नहीं है। मौजूदा दौर में देश की सुरक्षा खतरे में हैं।
शिंदे को राजीव भवन शिमला में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश का निर्माण किया। 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों से आत्मसमर्पण करवाया। उसके बाद भी संवाद जारी रखा। भारत-पाक का शिमला समझौता भी इसी का एक रूप रहा है। मोदी सरकार जेएंडके के लोगों से बातचीत को तैयार नहीं है।
जब वे गृह मंत्री थे तो लाल चौक पर गए थे। पूरे देश ने देखा था। जेएंडके के तत्कालीन सीएम और वे खुद वहां खरीदारी करने गए थे। इसी से स्थानीय लोगों में संदेश जाता है कि वहां सबकुछ सामान्य चल रहा है। मोदी सरकार दिल्ली में बैठकर बातें कर रही है। कहा जा रहा है कि उन्होंने एक्शन ले लिए हैं।
सरकार और अर्द्धसैनिक बलों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। 56 इंच के सीने की बातें हो रही हैं, मगर सच कुछ और है। आज हमारे सैनिकों पर हमले हो रहे हैं। पठानकोट में हमला हो गया। मिलिट्री स्ट्राइक का खूब श्रेय लिया जा रहा है। असल में इनको पब्लिसिटी का शौक है। कहा कि भारत एक सेकुलर देश है। इसमें तमाम जाति, धर्म की रक्षा करना सबका कर्त्तव्य है।
मोदी सरकार की गलतियों को उजागर कर रहे राहुल
शिंदे ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता मोदी सरकार की गलतियों को उजागर कर रहे हैं। किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम मूल्य नहीं मिल रहा है। देश में किसान मर रहा है। युवा बेरोजगार बढ़ गए हैं।
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना यूपीए सरकार ने शुरू की थी। इसका नाम बदल दिया गया। कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि विदेशों से वे काला धन लाएंगे, मगर पैसा आना तो दूर, यहां तो आम लोगों की जेब में जो पैसा था वह भी छिन गया।
शिंदे ने भाजपा के वादों को झूठ का पुलिंदा करार दिया। पत्रकारों को प्रोजेक्टर पर एक स्लाइड भी दिखाई। इसके बाद ‘बेहद विफल सरकार’ नाम से एक पुस्तिका भी पत्रकारों को दी। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू और बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स भी मौजूद रहीं।
कांग्रेस में मुख्यमंत्री घोषित करने की परंपरा नहीं: शिंदे
पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील शिंदे ने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री घोषित करने की परंपरा नहीं है। पार्टी में कभी भी पहले नाम घोषित करने का फैसला नहीं हुआ। ये चुनाव बाद में होता है। वे 1992 से हिमाचल आते रहे हैं, उस वक्त राजा, पंडित और मैडम तीन लोग सीएम पद के दावेदार होते थे।
उन्होंने सीएम वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि ये लगते रहते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कहा कि हिमाचल में भाजपा को चुनाव के लिए ग्राउंड नहीं मिल रहा है। इसलिए भाजपा नेता वक्त से पहले हिमाचल आ रहे हैं।
उन्होंने यह बात मीडिया के मोदी-शाह कुछ समय पहले हिमाचल आने के बावजूद राहुल गांधी का अभी तक एक भी दौरा नहीं होने पर किए सवाल के जवाब में कही।
दावा किया कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार सत्ता में बनी रहेगी। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स, कांग्रेस के महासचिव नरेश चौहान, सेवादल प्रमुख अनुराग शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण अध्यक्ष रितेश कपरेट आदि मौजूद रहे।
राहुल गांधी काबिल, इंदिरा को भी पहले गूंगी गुड़िया कहते थे
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की स्थिति को अच्छा बताते हुए सुशील शिंदे बोले - लोग पहले इंदिरा गांधी को भी गूंगी गुड़िया कहते थे। राजीव गांधी को भी बताते थे कि हवाई जहाज चलाने वाले कहां संभाल पाएंगे। बाद में सबने इनके बेहतरीन प्रशासन को देखा। कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस की पूरी कमान देने पर फैसला जल्द होगा। वे काबिल हैं।