सुरजीत साल 2004 में कैंपस महासचिव, 2005 में कैलाश एसोसिएशन कोषाध्यक्ष और एनएसयूआई के उपाध्यक्ष, 2007-2008 में कैंपस अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला रहते हुए एबीवीपी को 14 साल बाद हराकर पहली बार एनएसयूआई को चार सीटों पर जीत दिलाई। लगातार दो सालों तक कैंपस में एनएसयूआई ने क्लीन स्वीप किया।
साल 2009 में हिमाचल प्रदेश के महासचिव, 2011 में राष्ट्रीय प्रतिनिधि और 2012 मे उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में संयोजक बने। वह छह साल तक एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव रहे। वर्तमान में युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव भी हैं। सुरजीत भरमौरी ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी है, उसका वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।