आईजीएमसी ने सर्जरी विभाग की यूनिट एक को किया पेपरलेस, दाखिल होने और ऑपरेशन की तारीख भी मैसेज से मिलेगी
डॉक्टरों को भी मरीजों का रिकार्ड देखने में रहेगी आसानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला को पूरी तरह से डिजिटाइज्ड और पेपर लेस बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें संस्थान ने वीरवार को सर्जरी यूनिट वन के कामकाज को डिजिटाइज्ड और पेपरलेस कर दिया। अब मरीजों को कब सर्जरी होनी है, इसके लिए कब दाखिल होना और क्या उपचार होगा का पूरा ब्योरा मोबाइल पर मिलेगा।
मरीजों और उनके तीमारदारों को पंजीकरण काउंटरों पर लगने वाली कतारों में भी खड़ा नहीं होना पड़ेगा। मरीज की तमाम जानकारी मोबाइल से भी अपडेट की जा सकेगी। इसके साथ कब पैसा जमा होने है और क्या सामान सर्जरी के लिए खरीदा जाना है सब जानकारी मैसेज से मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक मुख्यमंत्री के आदेशानुसार डिजिटाइज्ड और स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन नई डिजिटल और कंप्यूटराइज्ड, पेपर लेस व्यवस्था लागू होने के बाद सर्जरी यूनिट-एक में सभी क्लीनिकल और प्रशासनिक प्रक्रियाएं एचएमआईएस (हेल्थ मैनेजमेंट इन्फोर्मेशन सिस्टम) पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसमें रोगी को डिजिटल डिस्चार्ज स्लिप, रोगी उपचार ब्योरा, मेडिकल रिकॉर्ड और केस शीट, लैब और डायग्नोस्टिक टेस्ट रिपोर्टस, उपचार ब्योरा और दवाइयों का रिकॉर्ड, फॉलोअप निर्देश मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से मिलेंगे। अस्पताल के सर्जरी यूनिट एक और इसके बाद अन्य विभागों को पेपरलेस तथा पोर्टल के माध्यम से सभी कार्य किए जाने से विभागों में आपसी तालमेल बेहतर बनेगा। हर रोगी का रिकार्ड, उसकी उपचार रिपोर्ट तुरंत मिलेगी। इससे डॉक्टरों को मरीज के केस हिस्ट्री देखने में भी आसानी होगी।
रोगियों को मिलेंगी बेहतर सेवाएं : डॉ. राहुल
आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राहुल राव ने कहा कि आईजीएमसी ने डिजिटल उपकरणों को अपनाते हुए उच्च गुणवत्ता, दक्ष स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की है। इससे व्यवस्थाओं में सुधार होगा और रोगियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। सर्जरी यूनिट वन की तर्ज पर सभी विभागों को डिजिटाइज्ड और पेपरलेस बनाकर सभी तरह के उपचार तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को हेल्थ मैनेजमेंट इन्फोर्मेशन सिस्टम के माध्यम से संचालित किया जाएगा।