शिमला से 58 किलोमीटर दूर कोटखाई के एक स्कूल की छात्रा 4 जुलाई 2017 को लापता हो गई थी। दो दिन बाद जंगल से उसका शव बरामद हुआ। एसआईटी ने स्थानीय युवक और पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी शामिल था। इसके बाद कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को सूरज की मौत हो गई। मामला सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर की वजह से सूरज की मौत हुई थी।
इस केस में सीबीआई ने आईजी जहूर एच. जैदी, एसपी डी डब्ल्यू नेगी, ठियोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया। इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था लेकिन वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जिस कारण सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।