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हिरासत में मौत मामले में चंडीगढ़ में सुनवाई शुरू, पेश नहीं हुए जैदी

Fri, 07 Jun 2019 01:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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हाई प्रोफाइल गुड़िया मर्डर केस में एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले का ट्रायल शिमला से चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में ट्रांसफर हो गया है। केस की पहली पेशी में 9 आरोपियों को पेश होना था, लेकिन आईजी जाहुर एच जैदी नहीं पेश हुए। मामले की अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी। बता दें कि 4 जुलाई 2017 को कोटखाई के एक स्कूल की स्टूडेंट अचानक लापता हो गई थी।

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दो दिन बाद जंगल से उसका शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या की बात सामने आई थी। राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए आईजी जैदी की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने केस को सुलझाने का दावा करते हुए एक स्थानीय युवक और पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया था। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी शामिल था।

कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 की रात को सूरज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले तो यह कहानी बनाई कि सूरज की कस्टडी में उसी के साथी के साथ लड़ाई के कारण उसकी मौत हुई, लेकिन सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से सूरज की मौत हुई थी।

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क्या था मामला

सूरज को गुड़िया मर्डर केस में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई थी। इस केस में सीबीआई ने आईजी जाहुर एच जैदी, एसपी डीबीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया गया था।

इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जिस वजह से इन्होंने केस को ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने के ऑर्डर जारी कर दिए थे।
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