हिमाचल के सरकारी स्कूलों में तैनात 1000 से अधिक असिस्टेंट लाइब्रेरियनस को 10 से 15 लाख रुपये तक का एरियर मिलेगा। यूजीसी स्केल में शामिल होने पर इन कर्मचारियों को ज्वाइनिंग से यह लाभ मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को पद के मुताबिक लाभ देने के आदेश जारी किए हैं। सरकार के आदेशानुसार शिक्षा विभाग ने भी जिलों से इन कर्मियों का रिकार्ड तलब कर वित्तीय लाभ देने की कवायद शुरू कर दी है।
करीब सात साल के लंबे इंतजार के बाद असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को उनका हक मिला है। सुप्रीम कोर्र्ट में असिस्टेंट लाइब्रेरियनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ केस किया था। बीते दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाते हुए सरकार को एरियर जारी करने के आदेश दिए हैं।
कई लाइब्रेरियन को 15 लाख तक का एरियर
बताया जा रहा है कि हर असिस्टेंट लाईब्रेरियन को करीब दस से पंद्रह लाख रुपये तक एरियर प्राप्त होगा। साल 2009-10 में दस असिस्टेंट लाइब्रेरियनाें को राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर यूजीसी स्केल में शामिल किया था।
साल 2010-11 में जारी की गई नई अधिसूचना में इन्हें प्रदेश सरकार के स्केल में रख दिया। अधिसूचना में हुए इस बदलाव के खिलाफ असिस्टेंट लाइब्रेरियन हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट से असिस्टेंट लाइब्रेरियनों के हक में फैसला आया था।
उधर, हिमाचल सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट से आए अहम फैसले से असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के बाद असिस्टेंट लाइब्रेरियनों को कॉलेज कैडर का स्केल मिलेगा। इस स्केल के तहत 15600 का पे बैंड और 6000 रुपये ग्रेड पे मिलेगी। पहले इन्हें टीजीटी का स्केल 10300 पे बैंड और 3600 ग्रेड पे दिया जाता था।
सेवानिवृत्त कर्मियों को भी मिलेगा लाभ
असिस्टेंट लाइब्र्रेरियन के पद से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी एरियर मिलेगा। शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त कर्मियों का रिकार्ड और उन्हें दिए जाने वाले वित्तीय लाभ की गणना करना शुरू कर दी है।
नए सिरे से होगा पे फिक्सेशन
असिस्टेंट लाइब्रेरियनों की पे फिक्सेशन भी अब नए सिरे से होगी। नए पे बैंड और ग्रेड के आधार पर इन कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी होगी। वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसकी गणना में इन दिनों विभागीय अधिकारी जुटे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सरकार पर करोड़ों रुपये का बोझ पडे़गा।