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न्याय दिलाने के लिए जनहित याचिकाओं की अहम भूमिका: जस्टिस लोकुर

Sun, 03 Sep 2017 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में शनिवार को राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने भारतीय संविधान के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान की शृंखला पर 4वें व्याख्यान का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने किया।
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इस अवसर पर प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा हिमाचल प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति धर्मचंद चौधरी भी मौजूद रहे। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने संविधान में दिए गए सामाजिक व आर्थिक न्याय विषय पर कहा कि न्यायपालिका समाज के सबसे कमजोर वर्गों को जनहित याचिकाओं के माध्यम से न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि कई बार स्थापित कानूनों का निर्वहन नहीं हो पाता और कुछ मामलों में कोई भी कानून नहीं होता है। इन दोनों मामलों में न्यायालय का यह दायित्व बनता है कि आम आदमी को न्याय दिलाए। उन्होंने कहा कि जनहित याचिकाओं ने सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के माध्यम से कैदियों, समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं व बच्चों के अधिकारों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। न्यायिक सक्रियता पर उन्होंने कहा कि आम लोगों को न्याय दिलाने में न्यायिक सक्रियता आवश्यक है। 
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किसी क्षेत्र में अन्याय पर मूकदर्शक न बने न्यायपालिका
कहा कि आज राष्ट्र की 60 प्रतिशत संपदा मात्र एक प्रतिशत जनसंख्या के पास है, जबकि राष्ट्र की 40 प्रतिशत संपदा 99 प्रतिशत जनसंख्या के पास है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं व अर्थशास्त्रियों को लोगों को आर्थिक न्याय दिलाने के लिए समाधानों के साथ आगे आना चाहिए।

यदि किसी भी क्षेत्र में अन्याय होता है तो न्यायपालिका को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मूकदर्शक बनकर नहीं रहना चाहिए। इस अवसर पर न्यायमूर्ति लोकुर ने 16 मध्यस्थों, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ जुड़े अधिवक्ताओं को भी बधाई दी। उन्होंने राज्य उच्च न्यायालय की परिधि में मेडिटेशन केंद्र का भी शुभारंभ किया।

प्राधिकरण की उपलब्धियां गिनवाईं
शिमला। प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने कहा कि राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण प्रदेश भर में पौधरोपण आयोजित कर रहा है। आम लोगों को तीव्र न्याय उपलब्ध करवाने के लिए पूर्व अभियोग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी यशवंत सिंह चोगल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति त्रिलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा, न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बरोवालिया, सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरके महाजन, एके गोयल, कुलदीप सिंह कंवर, राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पीएस राणा, महाधिवक्ता श्रवण डोगरा, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अशोक

शर्मा, विधिक सचिव डॉ. बलदेव, रजिस्ट्रार जनरल अरविंद मल्होत्रा, रजिस्ट्रार जेके  शर्मा, पुरेंद्र वैद्य, प्रेम पाल रांटा, डॉ. परविंद्र सिंह अरोड़ा, प्यार चंद, विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव गौरव महाजन, न्यायिक अकादमी के निदेशक राकेश कैंथला, न्यायिक अकादमी के उप निदेशक अविनाश चंद्र और प्रदेश विश्वविद्यालय के कानून के विद्यार्थी तथा शिक्षक और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कर्मचारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
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