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लोगों के लिए न्याय सुरक्षित करना राज्य की जिम्मेवारीः आदर्श कुमार गोयल

Sun, 08 Oct 2017 01:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश हाईकोर्ट परिसर में शनिवार को राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने भारतीय संविधान के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान श्रृंखला के 5वें व्याख्यान का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल ने किया। 
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उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेदकर भारत के सबसे महान न्यायविद् थे। संविधान को अपनाने का अंतिम उद्देश्य सभी के लिए न्याय को सुरक्षित करना था और यही भारत के संविधान की आत्मा भी है।

कानून के राज पर न्यायमूर्ति गोयल ने कहा कि महाभारत और रामायण की इतनी सारी घटनाएं दर्शाती हैं कि उस समय भी भारत देश के समाज में कानून के राज की स्थापना थी। ब्रिटिश शासन के दौरान भी भारत में कथित तौर पर कानून का राज होने की बात की जाती थी लेकिन आम लोगों के लिए कोई न्याय व्यवस्था नहीं थी। 
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उन्होंने कहा कि राज्य का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य अपने लोगों का कल्याण और सभी के लिए न्याय सुरक्षित करना है। प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय करोल ने कहा कि जस्टिस गोयल ने वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय दिए हैं। कार्यक्रम के दौरान

हाईकोर्ट के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान, सुरेश्वर ठाकुर, विवेक सिंह ठाकुर, अजय मोहन गोयल, संदीप शर्मा, चंद्र भूषण बारोवालिया, प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा, राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पीएस राणा, भारत सरकार के असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल अशोक शर्मा, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएम चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता, बार सदस्य, विधि सचिव और विधि विश्वविद्यालय से आए छात्र मौजूद रहे।
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