सुप्रीम कोर्ट ने अतिक्रमण मामलों में हाईकोर्ट के आदेशों पर विभाग की ओर से शिमला के बागी और रतनाडी क्षेत्रों में की जा रही कार्रवाई और अंतरिम आदेशों पर रोक लगा दी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जायमाल्य बागची की खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस मामले कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट के समक्ष चल रही अतिक्रमण मामलों में आगे की कार्रवाई पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने अतिक्रमण मामलों में पॉलिसी बनाने के आदेशों पर क्या कार्रवाई की है। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि 16 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से अतिक्रमण मामलों में पॉलिसी बनाने और उससे जुड़े मामलों में पारित अदालती आदेश के अनुपालन में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। अगली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को शीर्ष अदालत में अपनी अनुपालन रिपोर्ट पेश करनी होगी।