पूर्व मंत्री एवं नाहन से भाजपा विधायक डॉ. राजीव बिंदल
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सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री एवं नाहन से भाजपा विधायक डॉ. राजीव बिंदल व अन्यों के खिलाफ दी अपील को खारिज कर दिया है। कुछ लोगों ने एसएलपी दायर कर उच्च न्यायालय के आदेशों को चुनौती दी थी। गौर रहे कि वर्ष 1998 में नगर परिषद सोलन में कर्मचारी के पदों को भरने के लिए फर्जी दस्तावेजों पर अयोग्य उम्मीदवारों को रखने के आरोप थे। राजीव बिंदल चयन कमेटी के अध्यक्ष थे। जून 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री के ध्यान में इस मामले को लाया गया। पुलिस अधीक्षक सतर्कता साउथ जोन शिमला के सपुर्द मामला करने के पश्चात जांच की गई। हाईकोर्ट ने याचिका पर आरोपियों को नोटिस कर जवाब मांगा था।
दिसंबर 2016 को विजिलेंस ब्यूरो सोलन के समक्ष सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष दाखिल की गई। अभियोजन पक्ष ने सितंबर 2018 को राजीव बिंदल व अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला वापस लेने के लिए विशेष जज सोलन के समक्ष आवेदन दाखिल किया गया। इय आवेदन को स्वीकार करने के पश्चात बिंदल व अन्य के खिलाफ मामला वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी। जनवरी 2019 को पारित इस फैसले को हाईकोर्ट के समक्ष याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई। उसके बाद हाईकोर्ट में भी यह केस खारिज हो गया था।