संभावित है कि इस जानकारी के मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। बता दें कि नौ दिसंबर 2014 को हिमाचल हाईकोर्ट ने अस्थायी शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था। फैसला आने के बाद राज्य सरकार ने 10 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके पैरा शिक्षकों को नियमित किया था। सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर लाया था।
इसी बीच प्रतिवादी राममूर्ति ने सुप्रीम कोर्ट में कैविट दायर कर दी। 22 जनवरी 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर यथा स्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए। इसके चलते प्रदेश सरकार शिक्षकों को नियमित नहीं कर पा रही है। पीटीए, पैट और पैरा शिक्षक बीते कई सालों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।