बिलासपुर के बड़गांव के बागवान करण चंदेल और पलासला के किसान जगत राम सांख्यान, लेखराम सांख्यान आदि का कहना है कि आम की फसल भी इसी तरह से बंपर थी, मगर बागवानों को ठीक रेट नहीं मिल पाए। इसे खरीदने के लिए भी व्यापारी आगे नहीं आए। लोगों को इन्हें फेंकना पड़ा।
वेबसाइट पर अभी तक मंत्री हैं मारकंडा, निदेशक देसराज
हिमाचल सरकार के कृषि विभाग की वेबसाइट http://hpagrisnet.gov.in को अपडेट तक नहीं किया गया है। अभी तक कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ही बताए जा रहे हैं, जबकि निदेशक देसराज हैं। मारकंडा को हटे कई महीने होने लगे हैं। देसराज को रिटायर हुए भी साल हो गया है। कृषि विभाग अपने काम के बारे में कितना गंभीर है, इसी से सब मालूम हो रहा है। इससे सरकार की डिजिटाइजेशन नीति की भी पोल खुलती है।
मंत्री से जानना चाहा तो उन्हें शादी में व्यस्त बताया गया
अमर उजाला की ओर से इस बारे में कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उनके सुरक्षाकर्मियों ने फोन पर कहा कि वे ऊना में शादी अटेंड कर रहे हैं। अभी बात नहीं कर पाएंगे।