इसमें 3500 टन क्लींकर और 3500 टन सीमेंट यानी 7000 टन माल की ढुलाई रोजाना की जाती है। ट्रक आपरेटरों की हड़ताल के चलते प्रदेश के कोने-कोने तक सीमेंट की सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है।
ट्रकों के खड़े रहने की वजह से ऑपरेटरों को भी प्रतिदिन एक करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग का दैनिक घाटा भी लगभग ढाई करोड़ के करीब हो गया है। दोनों उद्योगों से प्रतिदिन हजारों ट्रक हिमाचल तथा बाहरी राज्यों को सीमेंट या क्लींकर लेकर जाते हैं।
अंब में स्थापित स्टील उद्योग से भी सरिया नहीं उठ रहा है। जिला ट्रक ट्रांसपोर्ट सोसायटी (एसडीटीओ) रत्न मिश्रा का कहना है कि नुकसान दोनों तरफ हो रहा है। लेकिन जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी।