मांगें पूरी न होने के बाद 34 सुपरवाइजर समेत 650 कर्मचारी हड़ताल पर
यूनियन ने बनाई रणनीति, कहा मांगें पूरा न होने तक जारी रखेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम के वार्डों में तैनात सुपरवाइजरों की तनख्वाह का मामला गरमाने लगा है। सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन ने आयुक्त के घेराव की तैयारी शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को कर्मचारियों के बीच प्रदर्शन और घेराव को लेकर भी चर्चा हुई।
शहर में मार्च के पंद्रह दिन बीतने के बाद भी नगर निगम के 34 वार्डों में तैनात सुपरवाइजरों को तनख्वाह नहीं मिल पाई है। इस कारण सुपरवाइजरों समेत सैहब के 650 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। अब कर्मचारियों में रोष बढ़ने लगा है। रविवार को यूनियन की बैठक में प्रदर्शन और घेराव की रणनीति पर चर्चा की गई और फैसला लिया गया कि मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। यह जानकारी सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने दी।
नगर निगम का कहना है कि मामला सुपरवाइजरों से जुड़ा है, जबकि सैहब के कई कर्मचारी कुछ लोगों के कहने पर हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। निगम के अनुसार मैन्युअल तरीके से हाजिरी बनाई जा रही है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद तनख्वाह जारी कर दी जाएगी।
गलती का खामियाजा भुगतने का अंदेशा
नगर निगम में इन दिनों चर्चा भी तेज है कि हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को आने वाले समय में नुकसान उठाना पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि नियमों के अनुसार यदि कोई कर्मचारी हड़ताल में शामिल होता है तो उस दिन की तनख्वाह नहीं दी जाती। ऐसे में कुछ कर्मचारी दबी जुबान में कह रहे हैं कि किसी और की गलती का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ सकता है। कई ऐसे कर्मचारी भी हैं जो हड़ताल में शामिल नहीं होना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों के कारण उन्हें इसमें शामिल होना पड़ रहा है।