2024 के बजट में की थी हसनवैली में योजना बनाने की घोषणा
तीन डेक में बनने वाले स्काई वॉक पर 18 करोड़ खर्च का अनुमान
पार्किंग और बैरियर तक नहीं, सड़क किनारे खड़ी होती हैं गाड़ियां
हरी-भरी वादियों का नजारा लेने के लिए रुकते हैं हजारों सैलानी
ग्राउंड रिपोर्ट...
हिल्स क्वीन में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने साल 2024 के बजट में स्काई वॉक बनाने का सपना दिखाया था। राजधानी में 7400 फीट की ऊंचाई पर हरी-भरी वादियों से घिरे हसनवैली में यह स्काई वॉक बनना था। बजट की ये घोषणा दो साल बाद भी फाइलों से नहीं निकली। स्काई वॉक बनाना तो दूर, टूटे हुए क्रैश बैरियर तक दुरुस्त नहीं किए गए हैं। अमर उजाला टीम ने मौके का जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट-
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी का हसनवैली क्षेत्र आज भी हजारों सैलानियों के लिए हिल्स क्वीन शिमला का सबसे बड़ा सेल्फी प्वाइंट बना हुआ है। शिमला से छराबड़ा, कुफरी और फागू जाने वाले हजारों पर्यटक हरी-भरी वादियों का नजारा लेने के लिए यहां रुकते हैं। इसको देखते हुए सरकार ने यहां स्काई वॉक बनाने की घोषणा की थी।
वर्ष 2024 के बजट में इसको लेकर की गई घोषणा अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। इससे पर्यटन कारोबारियों में निराशा है। स्काई वॉक के निर्माण के लिए अब तक चार बार मौके पर सर्वेक्षण किया जा चुका है। पर्यटन विभाग और रोपवे कार्पोरेशन ने मिलकर इसके लिए सड़क से सटी ऐसी जगह भी चिह्नित की है, जहां स्काई वॉक बनाने के लिए पेड़ तक नहीं काटने पड़ेंगे।
रोपवे कार्पोरेशन ने करीब एक साल पहले इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली थी। इसके अनुसार तीन डेक में बनने वाले इस स्काई वॉक के निर्माण पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कार्पोरेशन ने बजट स्वीकृति के लिए डीपीआर पर्यटन विभाग को भेज दी, लेकिन एक साल से यह फाइल विभाग में लंबित पड़ी है। इस पर न तो कोई आपत्ति आई है और न ही मंजूरी मिली है। सैलानी आज भी सड़क किनारे खड़े होकर दूरबीन से वन्यजीव अभयारण्य और हरी-भरी वादियों का नजारा लेते हैं। यहां सुविधा के नाम पर अभी तक ठोस काम नहीं हुआ है।
पार्किंग और बैरियर तक नहीं बनाए
स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि करीब 20 वर्षों में क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं बनाई गईं। आज तक कोई भी योजना जमीन पर नहीं उतर सकी। सैलानियों की गाड़ियां आज भी सड़क किनारे ही खड़ी होती हैं, क्योंकि यहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। सड़क किनारे बैरियर भी टूट चुके हैं। इनकी मरम्मत लोगों ने खुद करवाई है।
किसने क्या कहा
स्काई वॉक का इंतजार
हसनवैली में स्काई वॉक बनने से सैलानियों की आमद बढ़ेगी। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सर्वे भी हो चुका है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
-संजीव शर्मा, फोटोग्राफर
सबसे बड़ा सेल्फी प्वाइंट
हसनवैली इस क्षेत्र का सबसे बड़ा सेल्फी प्वाइंट है। यहां पार्किंग भी बननी थी, लेकिन आज तक इसका काम शुरू नहीं हुआ। स्काई वॉक की उम्मीद थी, लेकिन कब बनेगा इसका कोई पता नहीं।
-राजेंद्र सिंह, फोटोग्राफर
बजट तक सिमटी घोषणा
सरकार ने बजट में घोषणा की थी, लेकिन स्काई वॉक अभी तक नहीं बना। हसनवैली को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सकता है। इस बार सरकार से उम्मीद है कि योजना पर काम शुरू होगा।
-राकेश ठाकुर, पर्यटन कारोबारीपर्यटन विभाग को भेजी है डीपीआर
स्काई वॉक के लिए डीपीआर तैयार कर पर्यटन विभाग को भेज दी गई है। मंजूरी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-रोहित ठाकुर, सीजीएम, रोपवे कार्पोरेशन
जल्द सुविधा की उम्मीद
हसनवैली में स्काई वॉक बनने से सैलानियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। यहां से हरी-भरी वादियां और वन्यजीव अभयारण्य का सुंदर नजारा देखने को मिलता है। उम्मीद है कि जल्द यह परियोजना साकार होगी।
-जगदीश शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी