गाड़ी में पौने दो से दो घंटे में तय होने वाले नाहन-रेणुका के 37 किमी पहाड़ी सड़क मार्ग का सफर धावक सुनील शर्मा ने मात्र तीन घंटे में नाप लिया। दो लोगों की जिंदगियां बचाने के लिए सुनील ने 105 किमी का सफर पूरा करने के लिए अपना पूरा दम लगा दिया।
मौका था द ग्रेट सिरमौर रन का और चुनौती है दो जिंदगियां बचाने की। किडनी मरीजों के लिए पैसा इकट्ठा करने के मकसद से इस रन का आयोजन किया गया। पहले दिन सुनील नाहन के पांवटा के लिए दौड़े।
तीन घंटे का सफर तय करने के बाद सुनील ने रेणुका में मात्र 20 मिनट का ठहराव लिया। इसके बाद फिर से वह पांवटा के लिए दौड़ पड़े। कुल मिलाकर 9 घंटे में 105 किलोमीटर का सफर तय हुआ। इस दौड़ से एकत्रित धनराशि को रेडक्रॉस के माध्यम से उन दो रोगियों तक पहुंचाया जाएगा जिनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं।
चैरिटी एकत्रित नहीं हुई तो पूरे देश में लगाऊंगा दौड़
इससे पहले शनिवार सुबह चौगान मैदान से राष्ट्रीय बाल बहादुरी पुरस्कार विजेता प्रफुल्ल शर्मा ने हेड कांस्टेबल मनोज ठाकुर की मौजूदगी में धावक सुनील शर्मा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इससे पहले हाथों में तिरंगा लेकर चौगान मैदान में जब सुनील अन्य धावकों के साथ भागे तो माहौल देशभक्ति के रंग में भी रंगा नजर आया। इस मौके पर यो बडीज के एमडी दीपक वर्मा के अलावा विभिन्न संस्थानों के निदेशक व अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। हरेक संगठन ने खुलकर सुनील का साथ देने का संकल्प लिया।
द ग्रेट सिरमौर रन के आगाज के मौके पर सुनील शर्मा ने कहा कि 150 किलोमीटर दौडने पर भी अगर चैरिटी इकट्ठी नहीं हुई तो पूरे देश भर में दौड़ लगाऊंगा। उन्होंने दो जीवन बचाने का संकल्प लिया है। उधर, प्रफुल्ल शर्मा ने अपनी बहादुरी पुरस्कार में मिली धनराशि से दो हजार रुपये की राशि पीड़ित मरीजों को देने का एलान किया।
मां की आंखों से छलके आंसू, रात को जुटाई मरीजों के लिए राहत
धावक सुनील शर्मा का ददाहू व रेणुका में भव्य स्वागत किया गया। अपने बेटे के साहस को देखकर सुनील की मां प्रेमलता के आंसू छलक पड़े। मां ने गले लगाकर अपने होनहार बेटे का माथा चूम लिया तथा भारत माता की जय के नारे भी लगाए।
इस दौरान सुनील ने पिता रामानंद शर्मा का भी आशीर्वाद लिया। किया। उनके स्वागत में सुनील की बहन शीला, संतोष, जीजा सुनील शर्मा व विक्रम सहित भाई जोगिंद्र, रविकांत, कपिल के अलावा एसएचओ देवानंद गुलेरिया, वन विभाग से डीएफओ रेणुका सुशील राणा व आरओ अशोक कुमार, प्रधानाचार्य सुनील शर्मा के अलावा व्यापार मंडल ने भी उनका स्वागत किया।
रात को जुटाई मरीजों के लिए राहत
दो जिंदगी बचाने के लिए दौड़ रहे सुनील शर्मा एक डिब्बा साथ लेकर चल रहे हैं। हर पड़ाव पर जहां भी उसका स्वागत हो रहा है, वहां लोग इच्छानुसार किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए आर्थिक मदद कर रहे हैं। रात को पांवटा साहिब में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस चैरिटी कार्यक्रम में पहुंचने वाले लोगों से भी मरीजों की मदद की गुहार लगाई गई। इस मौके पर कई बड़ी हस्तियां भी आमंत्रित की गईं, जिनसे काफी दान राशि मिलने की उम्मीद है।