लोकसभा युवा कांग्रेस महासचिव एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रतिनिधि सुनील कुमार गोल्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गोल्डी ने कहा कि पार्टी अपनी विचारधारा की पटरी से उतर चुकी है।
देश के लिए जो सपना जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने देखा था, उनके सिद्धांतों को दरकिनार कर वर्तमान कांग्रेस विचारधारा के उलट काम कर रही है। कांग्रेस नेताओं को एक प्रखर विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सत्ता पक्ष को घेरना चाहिए था, वहां पार्टी पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने इन मुद्दों को लेकर समय-समय पर प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर और नादौन के विधायक सुखविंद्र सुक्खू को लिखा, लेकिन दोनों नेताओं ने विपक्ष की भूमिका को लेकर कोई जवाब नहीं दिया। कहा कि हजारों कार्यकर्ता अपनी विचारधारा को लेकर चिंतित हैं।
शीर्ष नेताओं को पार्टी विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है। अगर कोई कार्यकर्ता या युवा सरकार के खिलाफ रणनीति तय करता है तो कांग्रेस का कोई भी नेता उसका समर्थन नहीं कर रहा है।
गोल्डी ने कहा कि पार्टी ने आजतक उन्हें जो भी भूमिका दी है उन्होंने पूरी कर्त्तव्य निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेवारी को निभाया है। किसी दूसरे राजनीतिक दल से जुड़ने का फिलहाल उनका कोई विचार नहीं है। वह समाज हित के कार्य करते रहेंगे।