विश्व में जल सुरक्षा एवं गुणवत्ता को बनाए रखने को मैराथन प्रतिभागी सुनील शर्मा रविवार देर शाम को चंडीगढ़ की सुखना लेक से रेणुका झील के किनारे पहुंचे। उन्होंने रविवार सुबह 6 बजे सुखना झील से मैराथन दौड़ भरी। सुनील ने 127 किमी सफर लगभग 15 घंटों में पूरा किया। रविवार रात 8 बजे वह ददाहू पहुंचे।
ढोल-नगाड़ों से उनका स्वागत किया गया। उनके सम्मान में भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। सुनील का स्वागत सीपीएस विनय कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि कुछ विरले लोग ही ऐसी सफलता हासिल करते हैं। चंडीगढ़ से रेणुका तक की यात्रा एकता का प्रतीक है।
धावक सुनील शर्मा रविवार देर शाम को जल, जंगल तथा झील बचाओ का संदेश लेकर रेणुका पहुंचे। उन्होेंने सर्वप्रथम अपनी मां प्रेमलता तथा पिता रामानंद के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया। वह रेणुका विस की माइना हाडेल पंचायत के माइना निवासी हैं। पैदल यात्रा के दौरान उनके साथ एक आठ वर्षीय आदित्य आर्य भी शामिल रहा। सुनील ने बताया कि वह जल रक्षा एवं गुणवत्ता को लेकर उत्साहित हैं।
इसके चलते उन्होंने यात्रा का कार्यक्रम बनाया। वह रेणुका झील को प्रदूषण मुक्त बनाना चाहते हैं। देश की मैराथन दौड़ में 17वां स्थान रखने वाले सुनील गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज करवाना चाहते हैं।
इस दौरान एसडीएम संगड़ाह अशोक चौहान, डीएफओ रेणुका अभिलाष दामोदरण, डा. रितेश आर्य, इना आर्य, ददाहू पंचायत प्रधान महेश अग्रवाल, एसीएफ श्रेष्ठानंद, आरओ रामकुमार वर्मा और राजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।