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DC ऑफिस में फूट-फूटकर रोई शहीद की पत्नी, बोलीं- मेरे पति की शहादत सस्ती क्यों

Fri, 14 Jul 2017 09:07 AM IST
amarujala.com/shimla- presented by: अरविंद ठाकुर
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सुकमा में नक्सली हमले में शहीद सुरेश की पत्नी एक साल की बच्ची के साथ DC ऑफिस पहुंची और फूट-फूटकर रोई। हिमाचल के कांगड़ा जिले के नगरोटा के सुन्नी गांव के शहीद सुरेश कुमार की पत्नी ने हिमाचल सरकार पर मुआवजे में भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
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उन्होंने कहा कि उनके पति के साथ शहीद हुए पालमपुर और नेरचौक के शहीदों को सरकार ने 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है। जबकि उन्हें मात्र डेढ़ लाख रुपये दिए गए हैं।

सुरेश की पत्नी नीना देवी ने प्रदेश सरकार से सवाल किया है कि मेरे पति की शहादत आखिर इतनी सस्ती क्यों? एक साल की बच्ची के साथ नीना देवी, शहीद के परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण वीरवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने इस मसले को सरकार से उठाने की मांग की। 
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बोलीं- शहादत में भी भेदभाव कर रही हिमाचल सरकार

हिमाचल सरकार ने शहीदों को मिलने वाले मुआवजे में भी भेदभाव शुरू कर दिया है। एक ही प्रदेश के शहीदों के लिए सरकार दोहरी नीति अपना रही है। नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के सुन्नी गांव से शहीद हुए सुरेश कुमार की पत्नी नीना देवी ने प्रदेश सरकार पर शहादत में भी भेदभाव करने का बड़ा आरोप लगाया है।

शहादत पर अन्य शहीदों के मुकाबले बेहद कम मिले मुआवजे से खफा शहीद की पत्नी, परिजन और दर्जनों ग्रामीण वीरवार को सरकार से सवाल करने के लिए डीसी दफ्तर धर्मशाला पहुंच गए। अपनी गोद में उठाई एक साल की नन्ही बच्ची के साथ नीना देवी ने डीसी सीपी वर्मा को बताया कि इस वर्ष 11 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हुए थे। 
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शहीद की पत्नी ने सरकार से किए सवाल

शहीदों में पालमपुर और नेरचौक के अलावा सुन्नी से उसका पति भी शामिल था। डीसी कांगड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में नीना देवी ने कहा कि सुकमा हमले में पालमपुर और नेरचौक के शहीदों को सरकार ने 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है। 

लेकिन, उसके शहीद पति सुरेश की शहादत का मोल सरकार ने सिर्फ डेढ़ लाख रुपए आंका है। नीना देवी का कहना है कि उसके पति की शहादत को स्थानीय नेताओं ने राजनीति की भेंट चढ़ा दिया। नीना देवी ने स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 

शहीद की पत्नी ने सरकार से किए सवाल 
- क्या ग्राम पंचायत सुन्नी प्रदेश का हिस्सा नहीं।      
- क्या शहीद सुरेश कुमार प्रदेश का बाशिंदा नहीं।      
- क्या कांगड़ा के शहीद ने देश के लिए बलिदान नहीं दिया।      
- क्या सरकार का शहीद के परिजनों के प्रति कोई दायित्व नहीं।      

बाली पर आरोप- वोट ही नहीं दिए तो मदद क्यों करूं
शहीद सुरेश कुमार की पत्नी नीना और पिता मस्त राम ने मीडिया को बताया कि वे स्थानीय विधायक एवं मंत्री जीएस बाली से भी मिलने गए तो उन्होंने उन्हें स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि आप लोगों ने मुझे वोट नहीं दिए थे इसलिए आपकी कोई मदद भी नहीं करूंगा।
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