प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने का विरोध किया है। सुक्खू का कहना है कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने पर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बहाल करेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध भी किया है। सूक्खू ने कहा कि इससे कर्मचारियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। तबादला माफिया का और विस्तार होगा। ट्रिब्यूनल न होने से कर्मचारी न्यायालय के चक्कर काटकर परेशान होंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल गठित कर कर्मचारियों को तबादला होने पर अपनी बात रखने का एक माध्यम प्रदान किया था। हाईकोर्ट में पहले से काम का बोझ है। तबादले संबंधी केस जाने से मामलों की संख्या और बढ़ेगी।
कर्मचारियों को तत्काल राहत नहीं मिल पाएगी। जेब भी ज्यादा ढीली करनी होगी। उधर, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता संजय सिंह ने ट्रिब्यूनल बंद करने के फैसले को जयराम सरकार का तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना सोचे समझे कर्मचारी विरोधी फैसला लिया है।