कांग्रेस सत्ता में आते ही कृषि-बागवानी आयोग गठित करेगी। आयोग सेब और अन्य फलों की लागत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करेगा। कांग्रेस कर्मचारियों की पुरानी पेंशन भी बहाल करेगी।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि पांच साल पहले किसानों की आय दोगुना करने का पीएम मोदी का वादा जुमला साबित हुआ है। किसान-बागवान आज सड़कों पर उतरने पर मजबूर हैं। कांग्रेस सत्ता में आते ही कृषि-बागवानी आयोग गठित करेगी। आयोग सेब और अन्य फलों की लागत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करेगा। कांग्रेस कर्मचारियों की पुरानी पेंशन भी बहाल करेगी। सुक्खू ने शनिवार को शिमला में प्रेस सम्मेलन में कहा कि हिमाचल में सेब सीजन चरम पर है।
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बागवानों को मजबूरन काम छोड़कर सचिवालय का घेराव करना पड़ा। भाजपा सरकार हिमाचल में सेब को खत्म करने पर तुली है। कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी लगा दिया है। सेब उत्पादन की लागत कई गुना बढ़ गई है। प्रधानमंत्री बागवानों को झूठा आश्वासन देकर वोट की राजनीति कर गए। मंडी रैली में मोदी ने कहा था कि सेब आयात शुल्क 100 फीसदी किया जाएगा। इस पर कुछ नहीं किया। जयराम सरकार किसानों-बागवानों की हितैषी होने का ढोंग रच रही है।
कहा कि फलों की दवाओं और खादों की सब्सिडी भी तय की जाएगी। सीएम जयराम में प्रशासनिक क्षमता का अभाव है। सरकार से हर वर्ग त्रस्त है। पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। मुख्यमंत्री सीबीआई जांच से पलट गए। राहुल गांधी मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों और फैसलों का खुलकर विरोध कर रहे हैं। इसलिए उन्हें ईडी के माध्यम से प्रताड़ित किया जा रहा है। मोदी ने ऊना -तलवाड़ा रेललाइन तीन साल में पूरा करने का वादा किया था। अब तक यह पूरी नहीं हुई। नौ साल पहले यूपीए सरकार ने मंडी में आईआईटी और देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय दिया था।