बारिश के बाद कालका-शिमला नेशनल हाइवे-5 पर पहाड़ियों के दरकने के मामले सामने आ रहे हैं। सोलन-कंडाघाट सड़क पर मनसार के समीप पत्थर और मलबा सड़क पर आया है। इससे कुछ देर तक वाहनों की आवाजाही थमी। वहीं शुक्रवार देर रात भी सनवारा में बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरी।
इसके चलते वाहनों की आवाजाही वन-वे हो गई। इसे सुबह 10:00 बजे तक सुचारु किया गया। गनीमत रही कि किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। फोरलेन निर्माता कंपनी की टीम ने मौके पर पहुंच बड़े-बड़े पत्थरों को सड़क से हटाया और यातायात बहाल किया। हालांकि ट्रैफिक के वन-वे चलने से वाहनों के टकराने के मामले भी आए हैं।
परवाणू से सोलन तक फोरलेन का निर्माण कार्य किया गया है। इसे लेकर पहाड़ों की कटिंग की गई है। फोरलेन निर्माण होने के बाद बारिश में अब पहाड़ी वाली लेन में पत्थर और मलबा आ रहा है। इससे वाहन चालकों को समस्या हो रही है। पहाड़ कब दरक जाए, इस बारे में पता नहीं चलता है जिससे लोगों का सफर जोखिम भरा बना हुआ है।
इससे हाईवे पर लगभग छह स्थानों पर पहाड़ से अचानक चट्टानें आफत बनकर सड़क पर गिर रहे हैं। हालांकि फोरलेन निर्माता कंपनी की ओर से जगह-जगह पर टीमें तैनात की गई हैं। जो पत्थरों के आने के तुरंत बाद सड़क को सुचारु कर रही हैं।
उधर, फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह और सेफ्टी मैनेजर संदीप तोमर ने कहा कि हाईवे पर जगह-जगह कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। हाईवे की पल-पल की जानकारी कार्यालय में आ रही है। अधिक बारिश में पहाड़ वाली लाइन को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है ताकि किसी भी वाहन को नुकसान न पंहुचे।
वहीं कुल्लू जिले की सैंज घाटी में किसानों-बागवानों के लिए बारिश आफत बनकर बरसी। घाटी की दो मुख्य सड़कों समेत दस से अधिक संपर्क सड़कें गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद हैं। इसके कारण पांच पंचायतों के बागवानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। घाटी में लगातार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है।
सड़कों पर मलबा और पत्थर आने से वाहनों के पहिये थम गए हैं। शनिवार सुबह तेज बारिश से सैंज-न्यूली, रोपा-शांघड़, न्यूली-शैंशर, सांभा निहारणी आदि सड़कों पर भूस्खलन हुआ। गौरतलब है कि इन दिनों घाटी में सेब का सीजन जोरों पर है। बागवानों को संपर्क सड़कें बंद होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वाहनों की आवाजाही न होने से सेब की फसल को सब्जी मंडियों तक पहुंचाना चुनौती बन गया है। किसानों के लिए भी बंद सड़कें दिक्कतें उत्पन्न कर रही हैं। ग्रामीण गिरधारी लाल, निमत राम, प्रेमसिंह, रोशन लाल, पवन कुमार और रजनीश शर्मा ने कहा कि लगातार बारिश के कारण मुख्य सड़कों समेत संपर्क सड़कों के बंद होने से पांच पंचायतों देहुरीधार, शैंशर, गाडापारली, शांघड़ और सुचैहण की हजारों की आबादी की परेशानी बढ़ी है।
इन पंचायतों के किसानों-बागवानों के लिए अपनी फसलें समय पर सब्जी मंडियों तक पहुंचना समस्या बना हुआ है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से सड़कों को दुरुस्त करने की मांग की है। इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता चमन ठाकुर ने कहा कि सड़कों को बहाल करने के संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।