कांग्रेस सरकार के पहले बजट में विधानसभा चुनाव के दौरान दी गई दस में से चार गारंटियों पर ही मुहर लग गई है। पुरानी पेंशन बहाली, महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये, एक लाख रोजगार और उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों पर सरकार ने अपना ध्यान केंद्रित किया है।
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के पहले बजट में विधानसभा चुनाव के दौरान दी गई दस में से चार गारंटियों पर ही मुहर लग गई है। पुरानी पेंशन बहाली, महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये, एक लाख रोजगार और उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों पर सरकार ने अपना ध्यान केंद्रित किया है। प्रतिमाह 300 यूनिट निशुल्क बिजली, दो रुपये किलो में गोबर और दस लीटर दूध खरीद के लिए प्रदेश की जनता का इंतजार बढ़ गया है।
विज्ञापन
युवा स्टार्ट फंड से शून्य फीसदी ब्याज पर कर्ज लेने और फलों की कीमतें बागवानों की ओर से खुद तय करने को लेकर बजट भाषण में कोई उल्लेख नहीं किया गया। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश के नेताओं ने दस गारंटियों के दम पर जमकर प्रचार किया था। प्रदेश के मतदाताओं ने भी इन गारंटियों पर विश्वास जताते हुए भाजपा के रिवाज बदलने के नारे को नकारते हुए सत्ता परिवर्तन किया।
सरकार ने अप्रैल से ओपीएस को लागू करते हुए एनपीएस फंड के नहीं कटने का एलान किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट भाषण में कहा कि 1.36 लाख कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमने अपनी पहली गारंटी को पूरा कर दिया है। 2.31 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने दूसरी गारंटी को पूरा करने का दंभ भरा।
पांच साल में पांच लाख रोजगार के अवसर देने की गारंटी को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2023-24 में सरकारी क्षेत्र में 30 हजार और निजी क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 90 हजार रोजगार देने की बात कही। उन्होंने कहा कि रिक्त और नए पदों को चरणबद्ध भरा जाएगा। चौथी गारंटी को अमलीजामा पहनाते हुए मुख्यमंत्री ने हर विधानसभा क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए एक-एक राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल खोलने का एलान किया।