हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार को बने हुए दो महीने हो गए हैं, लेकिन ट्रक ऑपरेटरों के सीमेंट ढुलाई की दरों का मामला नहीं सुलझ पाया है। सत्ता संभालते के कुछ दिन बाद ही अदाणी कंपनी ने बिलासपुर जिले के बरमाणा और सोलन जिले के दाडलाघाट में प्लांट बंद कर दिए। मजबूरन, ट्रक ऑपरेटरों को सड़क पर उतरना पड़ा। आज हालात यह हो गई है कि ऑपरेटरों को ट्रकों की किस्त देने के भी लाले पड़ गए हैं। प्लांट बंद होने से हजारों लोगों का रोजगार छिन गया। सुक्खू सरकार से मामला न सुलझाने के बजाय अब ट्रक ऑपरेटर यूनियन को खुद ही अपने हित में फैसले लेने को मजबूर होना पड़ा है। सरकार की ओर से अदाणी कंपनी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार की ओर से मामला न सुलझाए जाने पर अब ट्रक ऑपरेटरों को खुद ही अपने हितों की रक्षा करनी पड़ रही है।
बरमाणा ट्रक ऑपरेटर यूनियन को सड़क पर उतरने के साथ-साथ बाहरी राज्यों से सीमेंट की सप्लाई को रोकने का फैसला लेना पड़ा है। इसके लिए बरमाणा ट्रक ऑपरेटर यूनियन हिमाचल की सीमा पर नाकाबंदी करेगा। दाड़लाघाट ट्रक ऑपरेटर यूनियन की कंपनी अधिकारियों के साथ हो रही बैठकों में भी बात नहीं बन रही है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सीमेंट ढुलान की दरों का मामला सुलझाने के लिए ट्रक ऑपरेटर सचिवालय के चक्कर काटते रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ भी बैठक हुई है, लेकिन इसमें ऑपरेटरों को आश्वासन ही दिए गए हैं। इसी तरह उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को भी मामला सुलझाने का जिम्मा सौंपा गया लेकिन उनकी ओर से भी उचित फैसला नहीं लिया गया है।