मोनाल की सुंदर कलगी को कुल्लवी टोपी पर लगाने की परंपरा है। इसके चलते भी यह पक्षी हर वक्त शिकारियों के निशाने पर रहता है। पर्यावरणविद् और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एमसी ठाकुर ने कहा कि शिकारी महंगे दामों पर कलगी बेचते हैं। वन विभाग को ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
8 से 15 हजार फीट में पाया जाता है मोनाल- इन पक्षियों का आवास क्षेत्र हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और चीन में है। मोनाल नेपाल का राष्ट्रीय पक्षी भी है। इसका मई और जून में प्रजनन काल होता है। मादा एक मौसम में एक ही बार अंडे देती है।
मादा अकेले ही अंडे सेती है। नर के सिर पर चटक हरे-बैंगनी रंग की कलगी होती है। मोनाल हिमालय के 8 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर पाया जाता है। इसका मुख्य भोजन फल-फूल एवं कीड़े-मकोड़े हैं।