प्रशिक्षण केंद्र शमशी में 44 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद हिमाचल के 18 जवानों सहित कुल 349 जवान विधिवत रूप से सशस्त्र सीमा बल में शामिल हुए। शमशी में हुए भव्य दीक्षांत समारोह में 16वीं बीआरटीसी के इन नव आरक्षियों ने देशसेवा की शपथ ली। समारोह में सशस्त्र सीमा बल के अपर महानिदेशक एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुरजीत सिंह देसवाल मुख्य अतिथि थे। उन्होंने परेड की सलामी ली।
देसवाल ने कहा कि नव आरक्षियों को भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर तैनात किया जाएगा। पिछले वर्ष एसएसबी ने 225 करोड़ से अधिक का प्रतिबंधित सामान पकड़ा है। इसमें लगभग 57 करोड़ के नशीले पदार्थ शामिल हैं। इस वर्ष भी सितंबर अंत तक 226 करोड़ का प्रतिबंधित सामान पकड़ा जा चुका है। इसमें 117 करोड़ के नशीले पदार्थ शामिल हैं।
प्रशिक्षण केंद्र शमशी में दीक्षांत परेड समारोह में ली देश सेवा की शपथ
अपर महानिदेशक का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण केंद्र शमशी के कार्यकारी कमांडेंट नरेश कुमार लाकड़ा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान नव आरक्षियों को शारीरिक और सशस्त्र प्रशिक्षण के अलावा बॉर्डर मैनेजमेंट, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद विरोधी अभियान और कानून व्यवस्था की नई चुनौतियों से संबंधित अन्य पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया है।
नव आरक्षियों ने जूडो, रिफ्लैक्स शूटिंग, मास पीटी, वॉल्टिंग हॉर्स तथा अन्य गतिविधियों का प्रदर्शन किया। इस दौरान डिप्टी कमांडेंट अनिल पठानिया, डिप्टी कमांडेंट डॉ. राजीव रंजन, प्रशिक्षण अधिकारी सहायक कमांडेंट शिवराम मंढोत्रा, सहायक कमांडेंट पंकज जमवाल आदि भी मौजूद रहे।
इन्हें मिला सम्मान
मुख्यातिथि ने विभिन्न गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रशिक्षुओं को पुरस्कृत किया। धर्मेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार दिया गया। खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए धर्मपाल, उत्कृष्ट निशानेबाज रविंद्र सिंह, बाहरी गतिविधियाें में जितेंद्र सिंह, आंतरिक गतिविधियों में अमित कुमार, उत्कृष्ट ड्रिल एवं पहनावे के लिए मंदीप सिंह को पुरस्कृत किया।
इन राज्यों के प्रशिक्षु हुए पासआउट
दीक्षांत परेड में हिमाचल से 18, बिहार से 34, झारखंड से 42, हरियाणा 27, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड से एक-एक, महाराष्ट्र से 80, मध्यप्रदेश से दो, आंध्रप्रदेश से छह, राजस्थान से आठ, पंजाब से 31 और उत्तर प्रदेश से 109 प्रशिक्षु पासआउट हुए।