पुलिस बटालियन ने खोली ई-लाइब्रेरी, कमांडेंट भूपेन्द्र सिंह नेगी ने किया शुभारंभ
पुलिस कर्मियों के साथ स्थानीय बच्चों और युवाओं को भी मिलेगी सुविधा
केंद्र और राज्य सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की कर सकेंगे तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला )। प्रथम हिमाचल प्रदेश सशस्त्र पुलिस बटालियन जुन्गा में रविवार को कमांडेंट भूपेन्द्र सिंह नेगी ने आधुनिक ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध करवाने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं देने और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
कमांडेंट नेगी ने कहा कि ई-लाइब्रेरी केवल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जुन्गा और आसपास के बच्चों और युवाओं के लिए भी पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध होगी। विद्यार्थी यहां केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि सतलुज जल विद्युत परियोजना की ओर से ई-लाइब्रेरी के लिए 75 इंच का स्मार्ट टीवी उपलब्ध करवाया गया है। इसके माध्यम से सप्ताह में एक दिन स्थानीय लोगों के लिए निशुल्क फिल्म प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने इस सहयोग के लिए परियोजना प्रबंधन का आभार जताया। साथ ही पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए भी धन्यवाद किया।
सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक प्रकाशानंद ने कहा कि वह पिछले 50 वर्षों से प्रथम हिमाचल प्रदेश सशस्त्र पुलिस बटालियन, जुन्गा से जुड़े हैं। पिछले पांच महीनों में बटालियन में जिस तरह के सकारात्मक बदलाव हुए हैं, वे अपने आप में एक रिकॉर्ड हैं।
जुन्गा पंचायत के प्रधान रामलाल ने ई-लाइब्रेरी को ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। व्यापार मंडल जुन्गा के प्रधान राजेश कुमार ने कहा कि यह पहल बटालियन और स्थानीय समुदाय के बीच सहयोग, विश्वास और सहभागिता का उदाहरण है। बटालियन में कार्यरत महिला कर्मचारी एलसी रितिका शर्मा और एलसी ज्योति ने भी ई-लाइब्रेरी की स्थापना को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाबिता राणा, उप पुलिस अधीक्षक हरीश शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक कमल किशोर और चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित शर्मा सहित बटालियन के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, विद्यार्थी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।