प्रदेश के एकमात्र राजकीय बी फार्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय में पढ़ाई महंगी हो गई है। महाविद्यालय में फीस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। लिहाजा, प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को इस बार पिछले साल के मुकाबले अधिक फीस देनी होगी।
हिमाचल प्रदेश के एकमात्र राजकीय बीफार्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय में पढ़ाई महंगी हो गई है। महाविद्यालय में फीस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। लिहाजा, प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को इस बार पिछले साल के मुकाबले अधिक फीस देनी होगी। फीस बढ़ाने की अधिसूचना कॉलेज प्रशासन की की ओर से जारी कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों को इस बार 35,650 रुपये फीस जमा करवानी होगी।
विज्ञापन
जो पिछले साल के मुकाबले करीब 3,650 रुपये अधिक है। इससे पूर्व पहले सेमेस्टर की फीस 32,000 हजार रुपये के करीब थी। इनमें पांच हजार रुपये की धरोहर राशि रिफंड होगी। वहीं, तीन अन्य सेमेस्टरों की पढ़ाई के लिए औसतन 30 हजार रुपये का सालाना शुल्क चुकाना होगा। बी फार्मा की चार साल की डिग्री के लिए करीब 1.30 लाख रुपये फीस जमा करवानी होगी।
अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक मंडी से संबंद्धता प्राप्त आयुर्वेदिक कॉलेज में मेडिकल, नॉन मेडिकल के अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ के 1500 से अधिक अभ्यर्थियों ने 25 जून को ऑनलाइन परीक्षा प्रदेश के सात परीक्षा केंद्रों में दी थी। इसी महीने परीक्षा परिणाम घोषित होगा और काउंसलिंग के बाद मेरिट आधार पर दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अगस्त में बी फार्मा कॉलेज में नया सत्र शुरू होगा।
विज्ञापन
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश थमन ने बताया कि इस बार दाखिला 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ होगा। बीते चार सत्रों में 300 से अधिक बी फार्मा प्रशिक्षु पासआउट हुए हैं। इनमें अधिकांश प्रशिक्षु सरकारी क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। बताया कि इस बार प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध करवा दी गई है। छात्रावास में 40 प्रशिक्षुओं को भोजन, ठहराव के अलावा पढ़ाई के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।