हिमाचल के डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को बिना परीक्षाएं लिए अगली कक्षाओं में प्रमोट करने के निर्देश जारी हो गए हैं। शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की ओर से राज्य विवि को यूजीसी की ओर से तय किए गए मूल्यांकन के फार्मूले के अनुसार करीब साठ हजार विद्यार्थियों को प्रमोट करने का पत्र जारी किया गया है। शिक्षा सचिव ने बताया कि कॉलेजों में प्रमोट हुए विद्यार्थी अगले साल अंक सुधार के लिए परीक्षा भी दे सकेंगे। यूजीसी ने अपने निर्देशों में यह प्रावधान भी किया है।
फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों को इस साल के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। इस कक्षा के विद्यार्थियों को शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन आधार पर ली गई परीक्षाओं और टेस्ट के आधार पर नंबर दिए जाएंगे। इसके अलावा सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को बीते साल की परीक्षा में मिले कुल अंकों के 50 फीसदी और इस साल की आंतरिक परीक्षा के 50 फीसदी अंकों के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। 27 अक्तूबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को बिना वार्षिक परीक्षाएं लिए ही प्रमोट करने का फैसला लिया गया है।
बैठक में यूजीसी के दिशा निर्देशों और शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्तावों से अवगत कराया गया। मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से यूजीसी के फार्मूले को अपनाने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में शिक्षा सचिव ने उच्च शिक्षा निदेशालय के माध्यम से राज्य विश्वविद्यालय को कैबिनेट में हुए फैसले से अवगत करवाते हुए पत्र जारी कर दिया है। अब विवि की ओर से आगामी दिनों में फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करने के आदेश जारी किए जाएंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में सोमवार से स्कूल और कॉलेज नियमित कक्षाओं के लिए खुल गए हैं। हालांकि संस्थानों में कोरोना से बचने के लिए जरूरी सामाजिक दूरी, मास्क व अन्य नियमों का पालन करना होगा।