रूसा यूजी डिग्री कोर्स में प्रथम सत्र के घोषित परिणाम में जिन छात्रों की रि-अपीयर है, उन्हें साइट पर इससे संबंधित कोई ऑप्शन नहीं मिल रही है। ऐसे में छात्र 27 नवंबर से शुरू हो रही प्रथम-तृतीय सत्र की परीक्षाएं कैसे दे पाएंगे।
ऑनलाइन फार्म भरने की अंतिम तारीख 31 अक्तूबर है। कॉलेजों में पांच नवंबर तक अवकाश है। छात्रों के पास पहले और तीसरे सत्र की परीक्षाओं के साथ दोबारा परीक्षा देने का मौका होता है।
इसके बाद वे पांचवें सत्र के साथ ही पहले सत्र की परीक्षा दे पाएंगे। छात्र कॉलेजों में लगातार रि-अपीयर फार्म भरने को पूछताछ तो कर रहे हैं, मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
साइट पर अधूरी जानकारी
कॉलेजों को भी विवि से रि-अपीयर परीक्षा फार्म भरने को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं। वेबसाइट पर इससे संबंधित ब्योरा उपलब्ध नहीं है। संजौली कॉलेज प्राचार्य डा. जेएस नेगी और कोटशेरा कॉलेज प्राचार्य डा. उमा रणदेव ने भी माना कि साइट पर छात्रों को ऑनलाइन रि-अपीयर परीक्षा फार्म भरने की ऑप्शन नहीं मिल रही है।
उन्होंने विवि प्रशासन से इसका जल्द समाधान करने की मांग की है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एसएल कौशल ने कहा कि छात्र सौ रुपये की फीस अदा कर रि-अपीयर फार्म भर सकता है। बावजूद इसके छात्रों को फार्म भरने में दिक्कत आ रही है तो उसका समाधान कर दिया जाएगा।
ऐसे तय होता है डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट
नए सीबीसीएस सिस्टम में प्राप्त क्रेडेट्स के आधार पर तय होता है कि छात्र को कोर्स पूरा करने पर डिग्री मिलेगी, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट। डिग्री लेने को छात्र को कम से कम 120 क्रेडेट्स एक मेजर विषय के साथ प्राप्त करने होते हैं। डबल मेजर के साथ 156 क्रेडेट्स तो 100 क्रेडेट्स लेने पर डिप्लोमा, इससे कम क्रेडेट्स लेने पर सर्टिफिकेट मिल पाएगा।
फार्म भरने में लगते हैं पांच दिन
रि-अपीयर परीक्षा फार्म भरने को छात्र को कम से कम पांच दिन लगते हैं। फार्म भरने के बाद चालान जेनरेट होता है। इसके दो दिन बाद बैंक में फीस जमा होगी। फिर फीस चालान की रसीद का नंबर ऑनलाइन भरने पर प्रक्रिया पूरी होती है।