एचपी यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र हिमाचल के बाहर दूसरे विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने से वंचित रह सकते हैं। एचपीयू की पूर्व एससीए का आरोप है कि काउंसलिंग की तिथियों को बदलकर विवि ने अपने सिर से बला जरूर टाली है।
मगर प्रदेश के बाहर के विश्वविद्यालयों में प्रवेश को आवेदन करने वाले छात्र प्रवेश लेने से वंचित रह जाएंगे। दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेएनयू, पंजाब यूनिवर्सिटी सहित प्रदेश के केंद्रीय विश्वविद्यालय में काउंसलिंग 6 से 15 जुलाई के बीच पूरी हो जाएगी।
परिणाम न आने से छात्र इसमें भाग लेकर प्रवेश पाने का मौका गवां देंगे। पूर्व एससीए अध्यक्ष राजन हारटा और सचिव पियूष का कहना है विवि गोपनीय परिणाम आवेदन करने पर उपलब्ध करवाने का दावा जरूर कर रहा है, मगर छात्रों को बी कॉम, बीसीए, बीए फाइनल का परिणाम नहीं मिल पा रहा है।
पूर्व एससीए अध्यक्ष राजन हारटा ने बी-टेक सातवें सत्र के घोषित परिणाम पर सवाल उठाया और कहा कि छात्रों के दो- दो विषयों में जीरो नंबर दिए गए हैं, जिससे मूल्यांकन पर ही बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया है।
परिणाम घोषित करने की मांग
वहीं, विश्वविद्यालय की एनएसयूआई इकाई ने यूजी फाइनल का परिणाम न आने के कारण पीजी काउंसलिंग की तिथि बढ़ाने की मांग पूरी होने पर कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का आभार जताया है। इकाई अध्यक्ष हुक्म सिंह ने कहा कि यूजी का परिणाम जल्द घोषित हो।