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अपराजिता के मंच पर एएसपी से ये सवाल करने के बाद रो पड़ी छात्रा

Sat, 19 Oct 2019 11:50 AM IST
Krishan Singh शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, ऊना
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- फोटो : अमर उजाला
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अपराजिता के मंच पर उस वक्त माहौल भावुक हो गया जब एक छात्रा आपबीती सुनाते हुए रो पड़ी। बेटियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए बेशक सरकारी स्तर पर कई योजनाएं शुरू की गई हों, लेकिन हकीकत में आज भी ऐसे परिवार हैं, जो बेटियों से भेदभाव कर रहे हैं। शायद बेटा-बेटी एक समान की अवधारणा से समाज का एक तबका इत्तेफाक नहीं रखता। 

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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भदसाली में बेटियों के लिए समर्पित अपराजिता कार्यक्रम में एक छात्रा ने सवाल किया कि अगर घर में माता-पिता बेटों को बेटियों के बजाय अधिक महत्व दें तो ऐसे में बेटियों को क्या करना चाहिए। इतना बोलते हुए छात्रा मंच पर ही फफक पड़ी, जिसे स्कूल की प्राध्यापिकाओं ने ढांढस बंधाया। दरअसल छात्रा के घर में उससे कथित भेदभाव हो रहा है। इसे लेकर वह खुलकर नहीं बोल पाई और उसके आंसू छलक पड़े।

कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि मौजूद एएसपी विनोद धीमान भी कुछ पल के लिए भावुक हो गए। उन्होंने छात्रा की काउंसिलिंग करते हुए कहा कि यह दुखद है। ऐसे मामलों में परिजनों को भी काउंसिलिंग की जरूरत है, ताकि वे समझ सकें कि आज के दौर में बेटे और बेटियों में कोई फर्क नहीं। बल्कि बेटियां मां-बाप के प्रति ज्यादा संवेदनशील होती हैं। 
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उन्होंने बताया कि अलबत्ता आपसी समझदारी से इस तरह की समस्या का निदान हो जाना चाहिए। अन्यथा अगर समस्या ज्यादा हो तो ऐसे मामलों में पुलिस जुविनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई करती है। बच्चे चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए भी उनसे हो रहे भेदभाव की शिकायत कर सकते हैं।

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