मॉडर्न मार्केटिंग एक्ट के खिलाफ सेब कारोबारियों ने खोला मोरचा, केंद्र सरकार के इस एक्ट से फल व सब्जी कारोबार बर्बाद होने की जताई आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए मॉडर्न मार्केटिंग एक्ट के खिलाफ 24 जुलाई को शिमला जिले की ढली और पराला फल एवं सब्जी मंडी को बंद रखने का फैसला लिया है।
फल एवं सब्जी आढ़तियों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से लाया मॉडर्न मार्केटिंग एक्ट एपीएमसी की ओर से स्थापित मंडियों के लिए मंडी बर्बादी एक्ट साबित होगा। इससे किसान और बागवानों को भारी नुकसान होने वाला है। इस एक्ट के विरोध में 24 जुलाई शुक्रवार को मंडियां एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है। 24 जुलाई को सभी मंडियों के कारोबारी, आढ़ती संगठन एक्ट की खिलाफ आगामी रणनीति बनाएंगे। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर और पराला सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप चौहान ने किसान बागवानों से 24 जुलाई को अपने उत्पाद मंडियों में न लाने का आग्रह किया है।
भट्ठाकुफर से आढ़ती पराला शिफ्ट
ढली सब्जी मंडी में भी बिका सेब
शिमला। भूस्खलन की चपेट में आने के बाद सोमवार को बंद की भट्ठाकुफर फल मंडी के कुछ आढ़तियों ने मंगलवार को ठियोग की पराला मंडी से कारोबार शुरू कर दिया। शिमला की ढली सब्जी मंडी में भी दोपहर 2 बजे के बाद सेब की खरीद-फरोख्त हुई। सोमवार को भूस्खलन की चपेट में आने के बाद उपायुक्त शिमला के आदेशों पर भट्ठाकुफर फल मंडी को आगामी आदेशों तक के लिए बंद कर दिया था। इसके बाद भट्ठाकुफर फल मंडी के आढ़तियों को ठियोग की पराला मंडी से कारोबार के लिए कहा था। मंगलवार को शिमला की ढली सब्जी मंडी में करीब 900 पेटी सेब की खरीद-फरोख्त हुई। उधर सोमवार को भूस्खलन के बाद भट्ठाकुफर फल मंडी के अंदर फंसी सेब की पेटियों को निकालने का काम सोमवार देर रात तक चलता रहा। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि भट्ठाकुफर फल मंडी से कुछ आढ़ती पराया शिफ्ट हो गए हैं। आढ़ती एसोसिएशन की बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी।