सूत्रों की मानें तो पुलिस अपना यह पक्ष मजबूती से रखेगी कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी न तो भागे और न ही हमलावर को आसानी से भागने दिया। इसके पीछे मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार और अन्य की मौजूदगी और बयान को आधार बनाने की तैयारी है।
दरअसल, पुलिस का दावा है कि जिस समय नारायणी होटल के मालिक विजय सिंह ने फायरिंग की, उस समय पुलिस बगल के एक होटल में चल रहे विवाद को शांत कराकर निर्माण तोड़ने की कार्यवाही संचालित करा रही थी।
इसी बीच महिला अधिकारी एक वन अधिकारी को साथ लेकर बिना अपने टीम के लीडर नायब तहसीलदार को बताए विजय के होटल में चली गई। इसी दौरान गोली चली और विजय भाग निकला। सूत्रों का कहना है कि पुलिस विजय की तलाश में उत्तराखंड पुलिस के साथ संयुक्त कांबिंग कर रही है। इसके अलावा उसके सभी रिश्तेदारों के यहां छापे मारे जा रहे हैं।