मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने वीरवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में तूफान-ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह का कहना है कि 3 मई को बारिश के साथ-साथ कई जगह तूफान चलने और ओले गिरने की आशंका है।
पांच मई से फिर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ेगी। मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों किन्नौर और लाहौल स्पीति में आठ मई तक बारिश का पूर्वानुमान है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में चार मई तक मौसम खराब रहेगा।
किसानों पर आफत की बरसात, सेब, गेहूं और नकदी फसलों को नुकसान- कांगड़ा जिले में बारिश से किसानों की काटी गई गेहूं की फसल प्रभावित हुई। यहां बारिश आलू, घिया और बैंगन के लिए लाभकारी रही। ऊना जिले के दुलैहड़ और साथ लगते क्षेत्रों में ओलों से आम की फसल को नुकसान हुआ है।
हमीरपुर में बारिश ने गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग करवा रहे किसानों के लिए आफत खड़ी कर दी है। सिरमौर और मंडी में नकदी फसलों और सेब के साथ अन्य फलदार पौधों को नुकसान पहुंचा है। धर्मपुर, सुंदरनगर, नाचन, सिराज, लडभड़ोल, जोगिंद्रनगर में दिन को ही अंधेरा छा गया। यहां बारिश और ओलावृष्टि से आलू, मटर, गोभी, शिमला मिर्च की फसल को नुकसान पहुंचा है।
बारिश से प्रदेश के अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को शिमला में अधिकतम तापमान 24.5, ऊना में 35.0, नाहन में 30.8, सोलन में 27.0, कांगड़ा में 31.5, बिलासपुर-हमीरपुर में 30.9, चंबा में 29.2, सुंदरनगर में 31.1, भुंतर में 32.0, कल्पा में 22.0, धर्मशाला में 28.6 और डलहौजी में
18.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मंगलवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान 5.3, कल्पा में 8.4, मनाली में 7.8, शिमला में 15.3, धर्मशाला में 17.6, नाहन में 19.2, पालमपुर में 21.5 और ऊना में 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।