साथ ही शिक्षा अधिकारियों ने पूरे प्रदेश में निजी स्कूलों का 8 से 22 अप्रैल तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद 4 मई 2019 को शिमला, सोलन, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिले के 96 निजी स्कूलों को पत्र लिख कर फीसें कम करने और इसकी अनुपालना सात दिन के अंदर करने के निर्देश जारी किए गए थे।
बावजूद इसके इन आदेशों व अधिसूचनाओं पर निजी स्कूलों ने कोई कार्य नहीं किया है। करीब चार महीने बीतने के बावजूद निजी स्कूलों के खिलाफ जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निजी स्कूलों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी ही अधिसूचनाओं को लागू करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
मंच ने चेताया कि अगर भारी फीसों में कटौती न की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विवेक कश्यप, विकास थापटा, हरि सिंह पंवर, जगत सिंह नेगी, सोनिया सबरवाल, रमाकांत मिश्रा, रंजीव कुठियाला, राकेश कुमार, अनिल पंवर, खयाली राम, प्रताप कुमार, बच्चन पाल मौजूद रहे।